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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।

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प्रश्न

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

पुणे शहर में एक परिवार रहता था। कहावत के अनुसार उनका परिवार एक छोटा, सुखी परिवार था। परिवार में एक ही बेटा था। बेटे का नाम मोहन था। मोहन अपने माता-पिता के साथ बड़े लाड़-प्यार से रहता था। वह नेताजी विद्यालय में कक्षा 8 वी में पढ़ता था।

आजकल के बच्चे मैदान में खेलने के बजाय मोबाइल उपकरणों पर गेम खेलने में अधिक रुचि रखते हैं। इसी तरह मोहन भी मोबाइल पर गेम खेलना, वीडीयो देखना पसंद करने लगा। उसे मोबाइल की इतनी आदत लग गयी कि वह रात में जागकर 3 बजे तक भी गेम या वीडीओज देखने लगा।

मोहन हमेशा मोबाइल पर ही कान में इयरफोन लगाकर अकेले में रूम में गेम खेलता दिखायी देने लगा। विद्यालय से लौटने के बाद घर आते ही खाना खाना भूल जाना, माँ के साथ पहले की तरह बर्ताव नहीं करना, पापा तो ऑफिस चले जाते थे। अभ्यास से पूरी तरह ध्यान हट गया था। मना करने पर वह माँ को बदतमीजी से जवाब देने लगा था। माँ-पापा उसे बहुत समझाते परंतु वह ध्यान नहीं देता था। अपनी ही मनमानी करता रहता था। इयरफोन लगाकर वह बाहर भी जाता था।

एक दिन मोहन मोबाइल लेकर कान में इयरफोन लगाकर गाने सुनते-सुनते बाहर चला गया। वह सड़क पार कर रहा था। एक तरफ से ट्रक आ रहा था। मोहन के कान में इयरफोन था। इस कारण वह ट्रक का हॉर्न सुन न सका, वह मोबाईल पर गाने सुनने में मग्न था। तेजी से आये ट्रक से वह टकरा गया तथा जोर से उछलकर सड़क के दूसरे किनारे गिर पड़ा। इस दुर्घटना में मोहन ने अपना एक हाथ गँवा दिया। वह इस बात से बहुत दुःखी हुआ। उसे अब समझ में आया कि माता-पिता की बात को वह समझ पाता तो आज उसे यह दिन नहीं देखना पड़ता।

सीख - अपनी आदतों पर नियंत्रण होना आवश्यक है।

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कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Set 1

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संबंधित प्रश्‍न

दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।


निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :

अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा |


निम्‍न शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्‌टी, चाँद, खरगोश, कागज


निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।

गाँव में लड़कियाँ - सभी पढ़ने में होशियार - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना - बहुत दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का समस्‍या पर चर्चा करना - समस्‍या सुलझाने का उपाय खोजना - गाँववालाें की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - शीर्षक।


निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :

मन में निश्चय लोगों का जुड़ना कुआँ तैयार होना लोगों का खुश होना सीख,शीर्षक
छुट्‌टियों में गाँव आना कुआँ पानी से भरना लोगों का हँसना प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन -
कुआँ खोदने का प्रारंभ शहर के महाविद्‌यालय में पढ़ना एक मित्र का साथ देना एक लड़का -

‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक।

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


'जहाँ चाह, वहाँ राह' शीर्षक पर लगभर 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।


निम्‍न शब्‍दों का उपयोग करते हुए कहानी लेखन कीजिए:

मोमबत्‍ती, कागज, बूँदें, नारियल का वृक्ष


निम्नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए:

रोबोट (यंत्रमानव), गुफा, झोंपड़ी, समुद्र।


शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।

माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

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सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।


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