मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए। हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र

१९४७ का भारत। नए स्वतंत्र भारत के इस आगामी युग में एक गाँव बसा हुआ था, जिसमें एक युवक नामक 'आदित्य' रहता था। आदित्य का मानना था कि हर व्यक्ति का आत्मनिर्भर और समर्थ होना हमारे राष्ट्र की पहचान को मजबूती प्रदान करता है। एक दिन, गाँव में एक समारंभ हुआ, जिसमें स्थानीय नेताओं ने बताया कि राष्ट्र को अगले दशकों में अग्रणी बनाने के लिए लोगों को समर्थ, सशक्त, और एकत्रित होना होगा। इसमें युवा पीढ़ी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। आदित्य ने इसे एक बड़े संगठन के सदस्य बनने का एक अद्भुत अवसर माना। उसने बताया कि यदि हम अपने राष्ट्र को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो हमें युवा पीढ़ी को समर्थ बनाना होगा। उसने तय किया कि उसका कार्यक्षेत्र उसके गाँव से लेकर पूरे राष्ट्र तक होगा।

आदित्य ने गाँव में युवा समूह बनाया और उन्हें नए और विकसित विचारों से परिचित कराया। उन्होंने स्वयं को एक नेता के रूप में स्थापित किया और युवा समूह को एकजुट रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। आदित्य ने युवाओं को शिक्षा, कौशल, और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक रूप से जागरूक किया। उसने उन्हें समर्पित नागरिकों बनने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपने देश के लिए योजनाएं बनाने में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

आदित्य की यह क्रियाएं न केवल उसके गाँव को बल्कि पूरे राष्ट्र को भी प्रेरित कर रही थीं। उसकी पहचान उसकी सक्रियता, समर्पण, और दृढ़ निश्चितता के माध्यम से बढ़ रही थी। उसका उदाहरण देखकर लोग अपने आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा में समर्थ होने के लिए प्रेरित हो रहे थे।

इस प्रकार, आदित्य ने अपनी पहचान के माध्यम से हमारे राष्ट्र को एक मजबूत, समर्थ, और सशक्त रूप में बढ़ावा दिया। उसका संघर्ष और समर्थन ने दिखाया कि हमारी पहचान हमारे स्वयं के कर्मों और योगदान से बनती है।

सिख: इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमारी पहचान हमारे समर्थन, सहयोग, और समृद्धि के संग सजीव हो सकती है।

shaalaa.com
कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.9: रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग - कहानी [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
कहानी | Q ७ | पृष्ठ ५२

संबंधित प्रश्‍न

दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।


निम्‍न शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्‌टी, चाँद, खरगोश, कागज


निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।

गाँव में लड़कियाँ - सभी पढ़ने में होशियार - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना - बहुत दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का समस्‍या पर चर्चा करना - समस्‍या सुलझाने का उपाय खोजना - गाँववालाें की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - शीर्षक।


‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परोपकार का परिणाम


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए:

एक लड़की - घर में दादी के साथ अकेली - अचानक दादी की तबियत बिगड़ना - समय सूचकता दिखाना - डॉक्टर का आना - दादी की जान बचना - प्रशंसा पाना।


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:

भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए, तथा सीख लिखिए:

किसान के घर में चोर – घबराना – पत्नी की युक्ति – जोर-जोर से कहना – रुपये गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं – चोरों का बंजर जमीन खोदना – कुछ न मिलना – किसान को आनंद – सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:

भला कर और भूल जा


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

देखते ही देखते ओले बरसने लगे। टेनिस बॉल जैसे बड़े-बड़े। पहले कभी नहीं देखे ऐसे ओले ........


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


निम्‍न शब्‍दों का उपयोग करते हुए कहानी लेखन कीजिए:

मोमबत्‍ती, कागज, बूँदें, नारियल का वृक्ष


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़का ______ रोज निश्चित समय पर घर से निकलना ______ वृद्धाश्रम में जाना ______ माँ का परेशान होना ______ सच्चाई का पता चलना गर्व महसूस होना।


निम्नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए:

रोबोट (यंत्रमानव), गुफा, झोंपड़ी, समुद्र।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अनुभव महान गुरु है। 


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अतिथि देवो भव


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

श्रम ही देवता है।


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:

एक युवक गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना
पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना समुपदेशन कर उचित सलाह देना रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना
धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना शीर्षक

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×