मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए। पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।

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प्रश्न

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाले राज के परिवार में एक सुंदर बेटी नामक बच्ची हुई। राज और उसकी पत्नी सुमिता ने अपनी बेटी को बहुत मोहब्बत से पाला-पोसा। वे यह चाहते थे कि उनकी बेटी का भविष्य भी उज्जवल हो, और उसे समृद्धि से भरा जीवन मिले। राज और सुमिता का गाँव एक ऐसे क्षेत्र में था जहां लोगों की सोच में लड़कियों की पढ़ाई के प्रति अभिमान और समर्थन की कमी थी। लोगों के बीच में यह धारणा थी कि लड़कियों की पढ़ाई का कोई महत्व नहीं है, और उन्हें घर के कामों में ही समय बिताना चाहिए।

राज और सुमिता ने इस धारणा को तोड़ने का निर्णय लिया और अपनी बेटी को शिक्षा का हक दिलाने का सोचा। उन्होंने बेटी को स्कूल जाने का अधिकार दिया और उसे खुद के सपनों को पूरा करने के लिए साहस दिया। बेटी ने पढ़ाई में बहुत मेहनत और उत्साह दिखाया, और उसने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने का एक मार्ग दिखाया। उसने अपनी पढ़ाई में उच्चता प्राप्त की और अच्छे अंक लाए। बेटी की सफलता ने गाँव के लोगों की सोच को बदल दिया।

राज और सुमिता की बेटी ने दिखा दिया कि लड़कियों का शिक्षा में समर्थन और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अधिकार है। बेटी की पढ़ाई से नहीं, बल्कि उसकी साहसपूर्ण पहली खोज ने गाँव को समर्थन और सम्मान का अहसास कराया। उसने नहीं सिर्फ अपने परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को एक सशक्त और समर्थ दृष्टिकोण का मूल्य दिया। "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा परिवार" ने इस गाँव को एक नए सोच का सामर्थ्य दिखाया और लोगों को यह दिखाया कि बेटी का शिक्षा में समर्थन करना हम सभी को समृद्धि और सुख की ऊँचाईयों तक पहुँचा सकता है।

सिख: बेटी की पढ़ाई का समर्थन करना न केवल उसे बल्कि पूरे परिवार और समुदाय को भी समृद्धि में ले जा सकता है। "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा परिवार" नहीं, बल्कि "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा समाज"

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कहानी लेखन
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पाठ 2.9: रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग - कहानी [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
कहानी | Q ४ | पृष्ठ ५२

संबंधित प्रश्‍न

दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।


दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम


निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :

मन में निश्चय लोगों का जुड़ना कुआँ तैयार होना लोगों का खुश होना सीख,शीर्षक
छुट्‌टियों में गाँव आना कुआँ पानी से भरना लोगों का हँसना प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन -
कुआँ खोदने का प्रारंभ शहर के महाविद्‌यालय में पढ़ना एक मित्र का साथ देना एक लड़का -

‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी


निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :

पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:

भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


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रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

देखते ही देखते ओले बरसने लगे। टेनिस बॉल जैसे बड़े-बड़े। पहले कभी नहीं देखे ऐसे ओले ........


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परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........


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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।


निम्‍न शब्‍दों का उपयोग करते हुए कहानी लेखन कीजिए:

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निम्नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए:

रोबोट (यंत्रमानव), गुफा, झोंपड़ी, समुद्र।


शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।

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सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

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सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अतिथि देवो भव


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

श्रम ही देवता है।


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:

एक युवक गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना
पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना समुपदेशन कर उचित सलाह देना रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना
धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना शीर्षक

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।


“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।


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