Advertisements
Advertisements
Question
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।
Advertisements
Solution
पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाले राज के परिवार में एक सुंदर बेटी नामक बच्ची हुई। राज और उसकी पत्नी सुमिता ने अपनी बेटी को बहुत मोहब्बत से पाला-पोसा। वे यह चाहते थे कि उनकी बेटी का भविष्य भी उज्जवल हो, और उसे समृद्धि से भरा जीवन मिले। राज और सुमिता का गाँव एक ऐसे क्षेत्र में था जहां लोगों की सोच में लड़कियों की पढ़ाई के प्रति अभिमान और समर्थन की कमी थी। लोगों के बीच में यह धारणा थी कि लड़कियों की पढ़ाई का कोई महत्व नहीं है, और उन्हें घर के कामों में ही समय बिताना चाहिए।
राज और सुमिता ने इस धारणा को तोड़ने का निर्णय लिया और अपनी बेटी को शिक्षा का हक दिलाने का सोचा। उन्होंने बेटी को स्कूल जाने का अधिकार दिया और उसे खुद के सपनों को पूरा करने के लिए साहस दिया। बेटी ने पढ़ाई में बहुत मेहनत और उत्साह दिखाया, और उसने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने का एक मार्ग दिखाया। उसने अपनी पढ़ाई में उच्चता प्राप्त की और अच्छे अंक लाए। बेटी की सफलता ने गाँव के लोगों की सोच को बदल दिया।
राज और सुमिता की बेटी ने दिखा दिया कि लड़कियों का शिक्षा में समर्थन और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अधिकार है। बेटी की पढ़ाई से नहीं, बल्कि उसकी साहसपूर्ण पहली खोज ने गाँव को समर्थन और सम्मान का अहसास कराया। उसने नहीं सिर्फ अपने परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को एक सशक्त और समर्थ दृष्टिकोण का मूल्य दिया। "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा परिवार" ने इस गाँव को एक नए सोच का सामर्थ्य दिखाया और लोगों को यह दिखाया कि बेटी का शिक्षा में समर्थन करना हम सभी को समृद्धि और सुख की ऊँचाईयों तक पहुँचा सकता है।
सिख: बेटी की पढ़ाई का समर्थन करना न केवल उसे बल्कि पूरे परिवार और समुदाय को भी समृद्धि में ले जा सकता है। "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा परिवार" नहीं, बल्कि "पढ़ेगी बेटी, तो सुखी होगा समाज"
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज
निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :
| मन में निश्चय | लोगों का जुड़ना | कुआँ तैयार होना | लोगों का खुश होना | सीख,शीर्षक |
| छुट्टियों में गाँव आना | कुआँ पानी से भरना | लोगों का हँसना | प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन | - |
| कुआँ खोदने का प्रारंभ | शहर के महाविद्यालय में पढ़ना | एक मित्र का साथ देना | एक लड़का | - |
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:
एक लड़की ______ विद्यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक।
‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।
निम्नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए:
‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
परोपकार का परिणाम
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
अपूर्व संतोष
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:
भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।
कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
| मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक। |
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।
एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।
'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
'रमेश बाबू ने बड़े ही मन से पुत्र के लिए मोबाइल खरीदा।' पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघु कथा लिखिए।
शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।
माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
जल ही जीवन है।
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :
एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।
“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।
