English

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए। अनुभव महान गुरु है।

Advertisements
Advertisements

Question

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अनुभव महान गुरु है। 

Long Answer
Advertisements

Solution

अनुभव महान गुरु है

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक अभय नाम का लड़का रहता था। अभय की शिक्षा का अध्ययन गुरुकुल में हो रहा था। गुरुकुल में एक महान गुरु, गुरुदेव, शिक्षा देने का कारण, विद्या का स्रोत और अनुभव का स्रोत था। गुरुदेव ने अपने छात्रों को न केवल विद्या में शिक्षित किया, बल्कि उन्हें जीवन के अनगिनत पहलुओं का भी सामर्थ्य दिया। वह उन्हें अनुभवों से भरी शिक्षा देते थे जो उन्होंने अपने जीवन में प्राप्त की थी। अभय ने गुरुदेव के आदर्शों को माना और उनकी शिक्षा में लगा रहा। एक दिन, गुरुदेव ने अभय को अपने साथ एक यात्रा पर ले जाने का निर्णय किया। यात्रा का उद्देश्य था अभय को जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का और अनुभव से सीखने का मौका देना। यात्रा के दौरान, गुरुदेव ने अभय से बातचीत करते हुए अपने जीवन के अनुभवों को बताया, वह बताए, कैसे उन्होंने जीवन के कठिनाइयों का सामना किया और उन्हें कैसे पार किया। उनकी यह कथाएं अभय के लिए जीवन के मार्गदर्शन का स्रोत बन गईं।

गुरुदेव ने अभय से कहा, "बेटा, अनुभव ही महान शिक्षक है। इस यात्रा से तुम जीवन के सभी पहलुओं को समझोगे और उनसे सीखोगे। जब तुम अनुभवों से सीखोगे, तुम्हारा जीवन समृद्धि से भरा होगा।"

अभय ने गुरुदेव की बातों को गहराई से सुना और उनके साथी बनकर उनके साथ यात्रा करते हुए अनगिनत सीखें प्राप्त की। उसने अनुभवों से सिखा कि जीवन में आने वाली हर चुनौती को धैर्य से स्वीकारना और उससे सीखना ही सबसे महत्वपूर्ण है। गुरुदेव की शिक्षा ने अभय को एक महान गुरु बना दिया। अभय ने अपने जीवन में अनुभवों का सही से उपयोग किया और उनकी सीखों को अपने जीवन में अमल किया। उसने देखा कि अनुभव ही एक ऐसा महान गुरु है जो हमें जीवन के सभी पहलुओं में मार्गदर्शन करता है। 

सिख: अनुभव से जीवन में किसी भी परिस्थितियों सामना कर सकते है।

shaalaa.com
कहानी लेखन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.9: रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग - कहानी [Page 52]

APPEARS IN

Balbharati Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
कहानी | Q ५ | Page 52

RELATED QUESTIONS

दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।


दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम


‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।


शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परोपकार का परिणाम


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक आलसी किसान - अमीर होने का सपना - साधु के पास जाना - गुप्त धन की जानकारी पूछना - साधु का कहना - गुप्त धन खेत में - किसान द्वारा रोज खेत को खोदना - धन न मिलना - किसान का निराश होना - बरसात के दिनों में बीज डालना - अच्छी फसल - किसान के पास अच्छा धन - शीर्षक - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए:

एक लड़की - घर में दादी के साथ अकेली - अचानक दादी की तबियत बिगड़ना - समय सूचकता दिखाना - डॉक्टर का आना - दादी की जान बचना - प्रशंसा पाना।


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:

भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

राम एक गरीब छात्र था - सरकारी नौकरी लगना - धनवान बनना - छापा पड़ना - जेल जाना - प्रतिष्ठा धूमिल होना।

शीर्षक


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए-

राजा ______ बलशाली ______ दुश्मनी ______ राज्य हड़पना ______ सेना ______ गुप्तचर ______ आक्रमण क्रिया ______ विजय ______ भरोसा।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़का ______ रोज निश्चित समय पर घर से निकलना ______ वृद्धाश्रम में जाना ______ माँ का परेशान होना ______ सच्चाई का पता चलना गर्व महसूस होना।


शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।

माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

जल ही जीवन है।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×