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Question
‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।
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Solution
जैसी करनी वैसी भरनी
एक बार की बात है। जंगल में एक लोमड़ी किसी शिकारी के जाल में फंस गई। वह दर्द से कराह रही थी। उसने अपने बहुत कोशिश की लेकिन उसे और भी ज्यादा दर्द हो रहा था। लोमड़ी की चीखती हुई आवाज पास में ही एक तालाब में एक बगुले को सुनाई दी। बगुला उड़ते हुए उसके पास पहुँचा और अपनी लंबी चोंच से बार बार जाल पर मारकर तोड़ दिया।
इससे लोमड़ी शिकारी जाल से आजाद हो गई। लोमड़ी ने उस बगुले को धन्यवाद किया और बगुले से बोली, तुमने आज मेरी जान बचाई है। दोस्त क्या तुम आज शाम को मेरे घर पर खाना खाने आओगे। बगुले ने जवाब दिया हाँ दोस्त जरुर में आज शाम को तुम्हारे घर आ जाऊँगा।
शाम हुई। बगुला लोमड़ी के घर के रास्ते चल पड़ा। थोड़ी देर बाद वह लोमड़ी के घर पहुँच गया। लोमड़ी ने बगुले का अभिवादन किया और बैठाया और बोला कि, दोस्त तुम यहाँ बैठो में खाना लेकर आता हूँ। अब आपको तो पता है कि लोमड़ी बड़ी चालक होती है। उस लोमड़ी ने आज बगुले के साथ मजाक करने की सोची। लोमड़ी ने जानबुझकर दोनों के लिए खाना थाली में परोसा।
लोमड़ी ने तो थाली में रखा खाना खा लिया। लेकिन भला बगुला कैसे थाली में खाना खाता। उस शाम बिचारा बगुला भूखा ही रह गया। बगुला लोमड़ी के किए पर शांत रहा और लोमड़ी को बोला दोस्त तुमने बहुत अच्छी तरह से मेहमाननवाजी की है। कृपया मुझे भी मेहमाननवाजी का मौका दीजिए।
इस तरह बगुले ने भी लोमड़ी को दावत पर बुलाया। लोमड़ी बड़ी खुश हुई। लोमड़ी रास्ते में सोचने लगी आज तो डबल डबल दावत खाने को मिल रहा है क्या बात है। आज तो मजा ही आ गया। लोमड़ी बगुले के यहाँ पहुँची। बगुले ने उसी तरह लोमड़ी का अभिवादन किया और बैठाया और बोला दोस्त तुम यही बैठो में खाना लगाता हूँ। बगुले ने लोमड़ी से अपना बदला लेने की सोची। उसने भी जानबुझकर दोनों के लिए एक सुराही में खाना लगाया।
भाई बगुले ने तो आसानी से सुराही में चोंच डालकर दावत का मजा ले लिया। लेकिन इसबार बेचारी लोमड़ी भूखी ही रह गई। क्योंकि उसका मुहँ सुराही में जा ही नही रहा था। तब लोमड़ी को इस बात का अहसास हुआ कि जैसे मैंने बगुले के साथ किया था वह मेरी भी साथ हुआ और लोमड़ी ने बगुले से माफ़ी माँगी। अब लोमड़ी को समझ में आ गया कि जैसी करनी वैसी भरनी।
सीख: जो दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करता है, उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाता है। अतः किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।
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