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सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए। वसुधैव कुटुंबकम

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Question

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

वसुधैव कुटुंबकम

Long Answer
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Solution

वसुधैव कुटुंबकम

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाला लड़का वीरू अपने दादा से एक दिन यह सुनता है कि "वसुधैव कुटुंबकम" का मतलब है कि सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है।

राजू को यह बहुत अच्छा लगता है कि हम सभी मिलकर एक बड़े परिवार के सदस्य हैं। उसे यह भी सिखने को मिलता है कि हर व्यक्ति को समानता, समरसता, और सहयोग की भावना से दूसरों के साथ रहना चाहिए। एक दिन, गाँव में एक अद्भुत परिवर्तन होता है। वीरू अपने दोस्तों के साथ मिलकर समुदाय के लिए सेवा करने का निर्णय लेता है। उन्होंने एक सामुदायिक पुस्तकालय खोला, सामुदायिक शिक्षा केंद्र स्थापित किया, और लोगों को सहारा देने के लिए स्वयंसेवी समूह बनाया। उसने उन्हें यह बताया कि हर व्यक्ति को दुसरों के साथ साझा करने का तत्पर रहना चाहिए और सभी को एक दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। गाँव के युवा ने एक साथ मिलकर एक सामूहिक शिक्षा केंद्र खोला, जहां वे अपनी शिक्षा का साझा कर सकते थे।

इस सुविचार ने गाँव को एक नए दृष्टिकोण से देखने की राह प्रदान की। गाँववालों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत और साझेदारी के माध्यम से गाँव का सामूहिक विकास हुआ।

यह सच है कि जब लोग मिलकर काम करते हैं और एक दूसरे का समर्थन करते हैं, तो उनकी शक्ति बढ़ती है। वीरू की सुविचार भरी बातचीत ने गाँव को एक ऐसे समुदाय का रूप दिया जिसमें हर किसी का समर्थन था और सभी एक दूसरे के साथ एक सबसे बड़े परिवार के सदस्य की भाँति रहते थे।

इस प्रकार, वीरू ने "वसुधैव कुटुंबकम" का अद्भुत सिद्धांत अपने गाँव में आत्मसात करने का संकल्प लिया। उसने दिखाया कि हम सभी एक दूसरे के सहारे के बिना नहीं रह सकते और सभी को मिलकर जीवन को समृद्धि और सामरस्य से भरा बना सकते हैं। 

सिख: "वसुधैव कुटुंबकम" सिद्धांत हमें यह सिखाता है कि हमें समृद्ध, सजीव, और सभी के लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यह एक एकीकृत और समृद्धि भरा समाज बनाने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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कहानी लेखन
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Chapter 2.9: रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग - कहानी [Page 52]

APPEARS IN

Balbharati Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
कहानी | Q १ | Page 52

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‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ इस सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।


निम्‍न शब्‍दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्‌टी, चाँद, खरगोश, कागज


दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़की ______ विद्‌यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्‌वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।


निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :

पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परोपकार का परिणाम


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

अपूर्व संतोष


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए:

एक लड़की - घर में दादी के साथ अकेली - अचानक दादी की तबियत बिगड़ना - समय सूचकता दिखाना - डॉक्टर का आना - दादी की जान बचना - प्रशंसा पाना।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

देखते ही देखते ओले बरसने लगे। टेनिस बॉल जैसे बड़े-बड़े। पहले कभी नहीं देखे ऐसे ओले ........


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए-

'एक गाँव ---- कुदिया बनाकर ---- वह जब भी नाचता ---- गाँव के लोगों को ---- तो वे नदी किनारे ---- जब वे नाचने लगते ----। 
कुछ दिन बाद ---- किसी साधु के नाचने ----। शहरी पढ़ाई-लिखाई ---- चुनौती दे दी ----। यदि-हमारे ---- तो साधु के नाचने ----। वह तुम ---- रहा है। फिर क्या था ---- लड़कों ने ----।


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।

बीज, वर्षा, पेड़, कली


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

एक लड़का ______ रोज निश्चित समय पर घर से निकलना ______ वृद्धाश्रम में जाना ______ माँ का परेशान होना ______ सच्चाई का पता चलना गर्व महसूस होना।


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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।


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