Advertisements
Advertisements
Question
दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:
अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम
Advertisements
Solution
अकाल के दौरान तालाबों का महत्त्व
रामपुर एक समृद्ध गांव था जहां के लोगों की मेहनत से खेत हमेशा फलते-फूलते थे। मगर एक साल ऐसा आया, जब आसमान के बादल रूठ गए। बिना वर्षा के फसलें सूख गईं और धरती पानी के लिए तरसने लगी। भयंकर सूखा पड़ा। वन्य और पालतू जानवर पानी और चारे की कमी से मरने लगे। गांव के लोगों की स्थिति भी बिगड़ने लगी। वे कुछ दिन तो जैसे-तैसे गुजारे पेट की आग और गले की प्यास के चलते उन्हें भी मौत नजदीक दिखाई देने लगी।
बुजुर्ग की सलाह पर सभी गाँववालों ने सहमति जताई। एक समूह ने बुजुर्ग के नेतृत्व में माणिकपुर गाँव के मुखिया से मदद मांगने का निर्णय लिया। वहां पहुंचने पर, रामपुर के प्रतिनिधियों ने मुखिया से पूछा, तो उन्होंने बताया कि उनके गाँव में कई बड़े-बड़े तालाब हैं। इनका निर्माण गाँववालों की दूरदृष्टि की ही देन है। इन तालाबों में वर्षा के समय भरपूर मात्रा में पानी इकट्ठा हो जाता है। गत वर्ष हुई वर्षा का पानी इन तालाबों में एकत्रित था, जिसका उपयोग वे इस वर्ष सूखे में कर रहे हैं। माणिकपुर के मुखिया ने रामपुर के लोगों को भी ऐसे तालाब बनाने की सलाह दी। इसके साथ ही सूखे के दौरान उन्हें पीने के लिए पानी मुहैया कराने और तालाब निर्माण में जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
रामपुर के निवासी तालाबों के महत्व को समझ गए थे। गाँव के सभी लोगों ने एकजुट होकर तालाब खोदने का कार्य शुरू किया। जनसहायता के ज़रिए कुछ ही महीनों में उन्होंने गाँव के आसपास चार बड़े तालाब बना लिए। वक्त बीतता गया और फिर से वर्षा ऋतु आई। इस बार रामपुर की धरती की प्यास शांत हुई और नए तालाब पानी से भर गए। इन तालाबों के निर्माण का परिणाम यह रहा कि भले ही कई वर्षों तक फिर वर्षा न हुई, पर रामपुर में अकाल की समस्या नहीं उत्पन्न हुई।
सीख: दूरदृष्टि व परस्पर सहयोग से हर संकट का समाधान किया जा सकता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :
अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा |
निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :
पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र
निम्नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए:
‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।
‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।
| रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक। |
निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:
भला कर और भूल जा
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए-
'एक गाँव ---- कुदिया बनाकर ---- वह जब भी नाचता ---- गाँव के लोगों को ---- तो वे नदी किनारे ---- जब वे नाचने लगते ----।
कुछ दिन बाद ---- किसी साधु के नाचने ----। शहरी पढ़ाई-लिखाई ---- चुनौती दे दी ----। यदि-हमारे ---- तो साधु के नाचने ----। वह तुम ---- रहा है। फिर क्या था ---- लड़कों ने ----।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।
बीज, वर्षा, पेड़, कली
'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
निम्न शब्दों का उपयोग करते हुए कहानी लेखन कीजिए:
मोमबत्ती, कागज, बूँदें, नारियल का वृक्ष
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:
एक लड़का ______ रोज निश्चित समय पर घर से निकलना ______ वृद्धाश्रम में जाना ______ माँ का परेशान होना ______ सच्चाई का पता चलना गर्व महसूस होना।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए:
रोबोट (यंत्रमानव), गुफा, झोंपड़ी, समुद्र।
शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए।
माेबाइल, लड़का, गाँव, सफर
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
जल ही जीवन है।
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
श्रम ही देवता है।
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:
| एक युवक | → | गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना | → | पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना |
| पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना | → | समुपदेशन कर उचित सलाह देना | → | रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना |
| धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना | → | अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना | → | शीर्षक |
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :
एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।
