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प्रश्न
“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।
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उत्तर
अभी धूप चमक रही थी कि अचानक आकाश में कालेबादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा-चौकड़ी मचा दी। देखते ही देखते कुछ ही पलों में दृश्य बदल गया। वर्षा के साथ-साथ बर्फ के छोटे टुकड़े भी जमीन पर गिरने 'लगे। ओलों की बौछार ने न केवल सड़क पर, बल्कि लोगों के जीवन में भी एक नया मोड़ ला दिया। आसमान की तरफ देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बादलों के राजा इंद्रदेव बादलों में छिपकर कोई जादू का खेल खेल रहे हैं। तेज हवा के कारण पेड़-पौधे जोर-जोर से हिलने लगे। ऐसा लग रहा था मानो खुशी के कारण वे झूम-झूम कर नृत्य कर रहे हैं। बाजार की चहल-पहल अचानक से थम गई, और हर कोई ओलों से बचने के लिए शरण की तलाश में लग गया। बच्चे, जो कुछ ही पल पहले तक खेल रहे थे, अब अपनी माताओं की गोद में सिमट गए थे। वहीं, कुछ साहसी युवा ओलों के बीच दौड़ लगा रहे थे, इस अनोखे दृश्य का आनंद उठाते हुए।
जैसे-जैसे बौछार थमी, सड़क पर एक सफेद चादर सी बिछ गई। आकाश से झांकती धूप ने उस सफेदी को और भी चमकीला बना दिया। लोग अपने काम काज में लौट आए, लेकिन इस घटना ने सबके दिलों में एक गहरी छाप छोड़ दी। यह दिन सबके लिए एक यादगार पल बन गया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे। ओलों की वह अचानक बौछार ने न केवल धरती को सफेद चादर में लपेटा, बल्कि लोगों के दिलों को भी एक अनोखी खुशी और साहस से भर दिया।
