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'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।

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प्रश्न

'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

पश्चाताप

एक गरीब व्यक्ति परेशान होकर खुदकुशी करने की सोच रहा था। उसने कूएँ के पास जाकर छलांग लगाने की कोशिश की। तभी एक महात्मा आए और उसे रोका। महात्मा ने व्यक्ति की परेशानी सुनकर कहा मेरे पास एक विद्या है जिससे जादुई घड़ा बन जाता है। तुम जो भी इस घड़े से माँगोगे, वह तुम्हें मिल जाएगा परंतु जिस दिन वह घड़ा फूट गया उसी समय जो कुछ भी इस घड़े ने दिया था वह सब गायब हो जाएगा। महात्मा ने कहा कि यदि तुम एक वर्ष तक मेरे आश्रम में रहो, तो यह घड़ा मैं तुम्हे दे सकता हूँ और यदि चार वर्ष तक मेरे आश्रम में रहो तो मैं यह घड़ा बनाने की विद्या तुम्हें सिखा दूँगा। अब तुम बताओ कि तुम क्या चाहते हो? व्यक्ति ने कहा कि महाराज मैं तो एक साल ही आपकी सेवा करना चाहूँगा। मुझे तो जल्द-से-जल्द यह घड़ा चाहिए। मैं इसे संभाल कर रखूँगा। कभी इसे फूटने नहीं दूँगा। व्यक्ति ने एक साल की सेवा की और घड़ा प्राप्त करके अपने घर आ गया। घड़े से उसने अपनी हर इच्छा पूरी की। जिसमें बड़ा मकान, नौकर, धन आदि शामिल थे। एक दिन धन के नशे में वह इतना चूर हो गया की घड़ा लेकर नाचने लगा। इसी दौरान घड़ा उसके हाथ से छूटकर फूट गया और सभी गायब हो गया। उसे पश्चाताप हुआ कि काश मैंने लालच न किया होता और महात्मा से घड़ा बनाने की विद्या सीख ली होती तो आज मेरा यह हल न होता।

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Notes

  • औपचारिकताएँ - 1 अंक
  • विषयवस्तु - 2 अंक
  • प्रस्तुति - 1 अंक
  • भाषा - 1 अंक
कहानी लेखन
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