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प्रश्न
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए, तथा सीख लिखिए:
किसान के घर में चोर – घबराना – पत्नी की युक्ति – जोर-जोर से कहना – रुपये गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं – चोरों का बंजर जमीन खोदना – कुछ न मिलना – किसान को आनंद – सीख।
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उत्तर
होशियारी का फल
रावल गाँव में एक किसान रहता था। उसके पास उपजाऊ भूमि और थोड़ी बंजर भूमि थी। कुछ दिन पहले उसका एक बैल मर गया था इसलिए बंजर भूमि को जोतने की चिंता उसे खाये जा रही थी। एक रात किसान सारे काम करके घर लौट गया। उसकी पत्नी और वो खाना खाते-खाते बातें कर रहे थे। किसान ने उसकी पत्नी को सारी समस्या बतायी। किसान के पत्नी ने ‘सब अच्छा होगा आप परेशान मत हो’ ऐसे बोलकर दोनों ने खाना ख़तम किया। उसी समय घर के पिछवाड़े कुछ आहाट सुनी। पर किसानने बिल्ली समझकर उधर ध्यान नहीं दिया। थोड़े समय में फिर से किसीकी आहट सुनाई पड़ी। किसान की पत्नी ने कहा, “लगता है चोर घर के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे है।” पत्नी का अनुमान सही था। सचमुच, चार चोर घर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
घर में चोरों के घुसने की बात सुनकर किसान बहुत घबरा गया। पर किसान की पत्नी बहुत होशियार थी। वह जानबूजकर जोर से बोली, “आपको पता है, गाँव में चोरी बहोत बढ़ गयी है। सब जन बहोत चिंतित है। इसलिए मैंने अपने सारे रूपये और गहने अपने घर के पासवाली बंजर जमीन में गाड़ दिए हैं।” किसान की पत्नी की बात चोरों ने सुनी। उन्होंने सोचा अभी घर में घुसने की जरुरत नहीं है। वे सीधे किसान के बंजर भूमि गए और जमीन खोदना शुरू किया। उन्होंने सारी जमीन खोद डाली, पर उन्हें कुछ नहीं हाथ लगा। अंत में थककर वे किसान को कोसते हुए चले गए। दूसरे दिन सुबह किसान ने देखा की उसकी बंजर जमीन अच्छी तरह खुदी पड़ी है। किसान अपनी पत्नी की होशियारी पर बहोत खुश हुआ।
सीख: मुसीबत के समय घबराना नहीं चाहिए, बल्कि समझदारी से काम लेना चाहिए।
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निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए तथा उचित शीर्षक दीजिए :
अलमारी, गिलहरी, चावल के पापड़, छोटा बच्चा |
निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज
निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :
| मन में निश्चय | लोगों का जुड़ना | कुआँ तैयार होना | लोगों का खुश होना | सीख,शीर्षक |
| छुट्टियों में गाँव आना | कुआँ पानी से भरना | लोगों का हँसना | प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन | - |
| कुआँ खोदने का प्रारंभ | शहर के महाविद्यालय में पढ़ना | एक मित्र का साथ देना | एक लड़का | - |
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
घना जंगल - विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा - रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना - हर बार जाते समय बच्चों को समझाना - फॅंसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा, बच्चों द्वारा इसे केवल रटना - रटते-रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना - दाने देखकर खुश होना - माँ की सीख याद आना - चौकन्ना हाेना - सावधान होकर उड़ जाना - बहेलिए का पछताना - शीर्षक।
‘जैसी करनी वैसी भरनी’ इस कहावत के आधार पर कहानी लिखिए।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :
पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र
निम्नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए:
‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
परोपकार का परिणाम
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:
भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।
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निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग (70-80) शब्दों में कहानी लिखिए।
बीज, वर्षा, पेड़, कली
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एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से केवल एक आदमी का काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक – का आना – सारा गाँव श्रमदान में – तालाब की खुदाई – बरसात के दिनों जमकर बारिश – तालाब का भरना – सीख।
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| पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना | → | समुपदेशन कर उचित सलाह देना | → | रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना |
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