मराठी

'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

सती कहानी में मदालसा का चरित्र हमारे सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसमें किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास करना कितना घातक सिद्ध हो सकता है। मदालसा एक सुंदर और आकर्षक महिला थी, जिसने अपनी मोहकता और चतुराई से लोगों को भ्रमित किया। उसने अपनी बाहरी सुंदरता और मिठास भरे शब्दों से लोगों का विश्वास जीत लिया, लेकिन उसके वास्तविक उद्देश्य और इरादे बहुत ही भिन्न थे।

मदालसा ने अपनी चालाकी और स्वार्थपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करने के लिए दूसरों का उपयोग किया। उसकी बाहरी सुंदरता और मिठास भरे व्यवहार ने लोगों को उसकी वास्तविकता को समझने से रोके रखा। लोग उसके आडम्बर और मुखौटे पर विश्वास करके उसकी चालों का शिकार हो गए। मदालसा के चरित्र को देखकर यह स्पष्ट होता है कि किसी के बाहरी आडम्बर और मीठे शब्दों पर आँख मुँदकर विश्वास करना हमें बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।

यह कहानी हमें यह सीख देती है कि हमें किसी व्यक्ति के बाहरी दिखावे और क्षणिक व्यवहार पर बिना सोचे-समझे विश्वास नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा व्यक्ति की वास्तविकता और उसके आचरण को गहराई से समझने की कोशिश करनी चाहिए। मदालसा का चरित्र इस बात का उदाहरण है कि कैसे किसी की क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर विश्वास करना हमारे लिए घातक सिद्ध हो सकता है। इससे हमें सतर्क और समझदार बनने की प्रेरणा मिलती है, ताकि हम अपने जीवन में सही निर्णय ले सकें और धोखे से बच सकें।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2023-2024 (March) Official

संबंधित प्रश्‍न

मैंने समझा जरा प्यार से बोलना सीख लीजे कविता से 


‘यातायात की समस्‍याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।


कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो :

पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से 


मैंने समझा खेती से आई तब्‍दीलियाँ पाठ से 


मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से 



स्‍वामी विवेकानंद का कोई भाषण पढ़ो और प्रमुख वाक्‍य बताओ।


मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से 


पूरी वर्णमाला क्रम से पढ़ो:

क्ष श य प त ट च क ए अ ञ ष र फ

थ ठ छ ख ऐ आ ज्ञ स ल ब घ ढ़ ई ॠ

द ड ज ग ओ इ श्र ह व भ ध ढ झ ऑ

ळ म न ण त्र ङ अं उ ड़ अः ऊ अँ औ


अकबर के नौ रत्‍नों के बारे में बताओ।



मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से 


भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।

  • पुस्तकालय से
  • अंतरजाल से

अपने चित्र के बारे में बोलो।


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......


प्राकृतिक संपदाओं की बचत करना आवश्यक है।


।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।


विद्‌यालय के स्नेह सम्मेलन का वर्णन करो।


।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।


अंधश्रद्‌धा के कारण और उसे दूर करने के उपाय ढूँढ़ो और किसी एक प्रसंग को प्रस्तुत करो।


।। आराम हराम है ।।


अपने मित्र को शुभकामना/बधाई पत्र लिखो।


।। जीवदया ही भूतदया है ।।


देशभक्ति पर आधारित कविता सुनो और सुनाओ।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

'उपहार देना प्यार जताने और सम्मान करने का परिचायक है वर्तमान में उपहार का स्वरूप प्यार कम, व्यापार अधिक हो गया है।' - इस कथन के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×