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कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?

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प्रश्न

कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

कवि नायिका की कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढने की मनोदश को इन पंक्तियों में वर्णित करता है-

कातर दिठि करि, चौदिस हेरि-हेरि
नयन गरए जल धारा।
अर्थात कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी जिस प्रकार क्षीण होती है, वैसी ही नायिका का शरीर भी अपने प्रेमी की याद में क्षीण हो रहा है। उसकी आँखों से हर समय जलधारा बहती रहती है। अर्थात वह हर वक्त प्रियतम की याद में रोया करती है। वह इसी प्रयास में इधर-उधर अपने प्रियतम को तलाशती है कि शायद उसे वह कहीं मिल जाए।

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पाठ 1.09: विद्यापति - पद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ५०]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
पाठ 1.09 विद्यापति - पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ५०

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हरि आप हरो जन री भीर।
द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर।
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
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