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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची।भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी।

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प्रश्न

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँसुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँतीनूं बाताँ सरसी।

टीपा लिहा
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उत्तर

इसमें मीरा कृष्ण की चाकरी करने के लिए तैयार है क्योंकि इससे वह उनके दर्शननामस्मरण और भावभक्ति पा सकती है। इसमें दास्य भाव दर्शाया गया है। भाषा ब्रज मिश्रित राजस्थानी है। अनुप्रास अलंकाररुपक अलंकार और कुछ तुकांत शब्दों का प्रयोग भी किया गया है।

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पद
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पाठ 1.2: पद - प्रश्न-अभ्यास (ख) [पृष्ठ ११]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 1.2 पद
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 3 | पृष्ठ ११

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