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मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।

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प्रश्न

मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।

कृती
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उत्तर

मीराबाई का एक अत्यंत प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय पद निम्नलिखित है, जिसे छात्र याद करके कक्षा में सस्वर सुना सकते हैं:

पद: "पायो जी म्हैं तो राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरु, किरपा करि अपनायो॥ जनम-जनम की पूँजी पाई, जग में सभो खोवायो। खरचै नहिं कोई चोर न लेवै, दिन-दिन बढ़त सवायो॥ सत की नाँव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, हरष-हरष जस गायो॥"

भावार्थ एवं प्रस्तुति निर्देश:

  1. भावार्थ: मीराबाई कहती हैं कि सतगुरु की कृपा से उन्हें भगवान के नाम रूपी अनमोल रत्न प्राप्त हो गया है। यह ऐसा दिव्य धन है जो खर्च करने पर घटता नहीं बल्कि दिन-प्रतिदिन बढ़ता जाता है, और इसे कोई चोर चुरा भी नहीं सकता। गुरु रूपी नाविक की सहायता से वे संसार रूपी भवसागर को पार कर गई हैं।
  2. कक्षा प्रस्तुति: छात्र इस पद को शांत व भक्तिमय वातावरण में उचित लय, सुर और स्पष्ट उच्चारण के साथ प्रस्तुत करें।
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पद
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पाठ 1.2: पद - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
पाठ 1.2 पद
योग्यता विस्तार | Q 1. | पृष्ठ ११

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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
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उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
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कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।


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