Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गोपियों को उद्धव का शुष्क संदेश पसंद न आने का मुख्य कारण था-
पर्याय
उद्धव के कठोर शब्द एवं अति कटु व्यवहार
उद्धव में वाक्-पटुता की कमी एवं हृदयहीनता
गोपियों का प्रेम मार्ग के स्थान पर ज्ञान मार्ग को पसंद
गोपियों का ज्ञान मार्ग के स्थान पर प्रेम मार्ग को पसंद करना
Advertisements
उत्तर
गोपियों का ज्ञान मार्ग के स्थान पर प्रेम मार्ग को पसंद करना
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?
गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?
उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?
गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?
गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?
गोपियों को मदद मिलने की आशा कहाँ लगी थी, पर उनकी यह आशा निराशा में कैसे बदल गई?
गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?
दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रुप-सौंदर्य का वर्णन कैसे किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
मीराबाई की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।
श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ?
गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?
कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।
