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प्रश्न
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उत्तर

ΔBEC और ΔCFB में,
∠BEC = ∠CFB ...(प्रत्येक 90°)
BC = CB ...(उभयनिष्ठ)
BE = CF ...(दिया गया है)
∴ ΔBEC ≅ ΔCFB ...(RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
⇒ ∠BCE = ∠CBF ...(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों द्वारा)
अब, ΔABC में, ∠BCA = ∠CBA
∴ AB = AC ...(एक त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
अत:, ΔABC समद्विबाहु है।
संबंधित प्रश्न
ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° और AB = AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि:
- AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
- AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
- ∆ABM ≅ ∆PQN
- ∆ABC ≅ ∆PQR

AB = AC वाले एक ∆ABC की भुजा, AC पर D कोई बिंदु स्थित है। दर्शाइए कि CD < BD है।
निम्नलिखित आकृति में, l || m है तथा M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि M किसी भी रेखाखंड CD का मध्य-बिंदु है जिसके अंत:बिंदु क्रमश : l और m पर स्थित है।

एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।
[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]

ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = BC और AD = CD है। दर्शाइए कि BD दोनों कोणों ABC और ADC को समद्विभाजित करता है।
ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है। ∠A का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि BC = 2AD है।
O एक वर्ग ABCD के अभ्यंतर में स्थित बिंदु इस प्रकार है कि OAB एक समबाहु त्रिभुज है। सिद्ध कीजिए कि ∆OCD एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।
