हिंदी

Arts (English Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
विषयों
अध्याय
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  4481 to 4500 of 13196  next > 

पाठ के आधार पर हर की पौड़ी पर होने वाली गंगाजी की आरती का भावपूर्ण वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
‘गंगापुत्र के लिए गंगा मैया ही जीविका और जीवन है’ - इस कथन के आधार पर गंगा पुत्रों के जीवन-परिवेश की चर्चा कीजिए।
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

Advertisements
पुजारी ने लड़की के ‘हम’ को युगल अर्थ में लेकर क्या आशीर्वाद दिया और पुजारी द्वारा आशीर्वाद देने के बाद लड़के और लड़की के व्यवहार में अटपटापन क्यों आया?
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
उस छोटी-सी मुलाकात ने संभव के मन में क्या हलचल उत्पन्न कर दी, इसका सूक्ष्म विवेचन कीजिए।
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
मंसा देवी जाने के लिए केबिलकार में बैठे हुए संभव के मन में जो कल्पनाएँ उठ रही थीं, उनका वर्णन कीजिए।
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

“पारो बुआ, पारो बुआ इनका नाम है... उसे भी मनोकामना का पीला-लाल धागा और उसमें पड़ी गिठान का मधुर स्मरण हो आया।” कथन के आधार पर कहानी के संकेतपूर्ण आशय पर टिप्पणी लिखिए।

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
‘मनोकामना की गाँठ भी अद्भुत अनूठी है, इधर बाँधो उधर लग जाती है।’
कथन के आधार पर पारो की मनोदशा का वर्णन दीजिए।
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः

‘तुझे तो तैरना भी न आवे। कहीं पैर फिसल जाता तो मैं तेरी माँ को कौन मुँह दिखाती।’

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः

‘उसके चेहरे पर इतना विभोर विनीत भाव था मानो उसने अपना सारा अहम त्याग दिया है, उसके अंदर स्व से जनति कोई कुंठा शेष नहीं है, वह शुद्ध रूप से चेतनस्वरूप, आत्माराम और निर्मलानंद है।’

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः

‘एकदम अंदर के प्रकोष्ठ में चामुंडा रूप धरिणी मंसादेवी स्थापित थी। व्यापार यहाँ भी था।’

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
‘दूसरा देवदास’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined
‘हे ईश्वर! उसने कब सोचा था कि मनोकामना का मौन उद्गार इतनी शीघ्र शुभ परिणाम दिखाएगा-आशय स्पष्ट कीजिए।’
[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

इस पाठ का शिल्प आख्याता (नैरेटर-लेखक) की ओर से लिखते हुए बना है - पाठ से कुछ उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए।

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

पाठ में आए पूजा-अर्चना के शब्दों तथा इनसे संबंधित वाक्यों को छाँटकर लिखिए।

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Concept: undefined >> undefined

‘नाम’ क्यों बड़ा है? लेखक के विचार अपने शब्दों में लिखिए।

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined

‘कुट’, ‘कुटज’ और ‘कुटनी’ शब्दों का विश्लेषण कर उनमें आपसी संबंध स्थापित कीजिए।

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined

कुटज किस प्रकार अपनी अपराजेय जीवनी-शक्ति की घोषणा करता है?

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined

‘कुटज’ हम सभी को क्या उपदेश देता है? टिप्पणी कीजिए।

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined

कुटज के जीवन से हमें क्या सीख मिलती है?

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined

कुटज क्या केवल जी रहा है - लेखक ने यह प्रश्न उठाकर किन मानवीय कमज़ोरियों पर टिप्पणी की है?

[16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Chapter: [16] हजारी प्रसाद द्विवेदी : कुटज
Concept: undefined >> undefined
< prev  4481 to 4500 of 13196  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Computer Science (Python)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×