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प्रश्न
कुटज किस प्रकार अपनी अपराजेय जीवनी-शक्ति की घोषणा करता है?
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उत्तर
‘कुटज’ अपने ‘रूप’ और ‘नाम’ दोनों के कारण अजेय जीवन-शक्ति का संदेश देता है। हिमालय पर यमराज के कठोर श्वास जैसे धधकते पहाड़ों में भी हरा-भरा तथा पुष्पित कुटज अपनी मस्ती और मनमोहक शोभा में जीवित रहता है। वह पत्थरों से अज्ञात जल-स्रोत का रस ग्रहण करके सदा रसयुक्त बना रहता है। ‘कुटज’ जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की प्रेरणा देने का संदेश देता है। वह विपरीत और प्रतिकूल परिस्थितियों का डटकर सामना करना सिखाता है। इस प्रकार कुटज अपनी अजेय जीवन-शक्ति की घोषणा करता है।
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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
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