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‘कुट’, ‘कुटज’ और ‘कुटनी’ शब्दों का विश्लेषण कर उनमें आपसी संबंध स्थापित कीजिए।

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प्रश्न

‘कुट’, ‘कुटज’ और ‘कुटनी’ शब्दों का विश्लेषण कर उनमें आपसी संबंध स्थापित कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

‘कुट’ का अर्थ घड़ा होता है। ‘कुट’ का आशय घर से भी लिया जाता है। ‘कुटज’ का अर्थ घड़े से उत्पन्न होना है। घड़े से उत्पन्न होने के कारण अगस्त्य मुनि को भी ‘कुटज’ कहा गया। ‘कुटनी’ शब्द का अर्थ है – अनुचित आचरण करने वाली दासी या प्रतिकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न करने वाली। जिस प्रकार घर में रहने वाला बालक बचपन में दासी की देखभाल में रहता है, वही संबंध इनका भी माना जाता है। कुटज हिमालय पर्वत रूपी घर की ऊँचाई पर उगने वाला पौधा है। यह क्रोधित यमराज के प्रबल श्वास जैसी तपती लू में भी जीवित रहता है। ये तीनों शब्द एक ही मूल शब्द ‘कुट’ से उत्पन्न हुए हैं।

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कुटज
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अध्याय 2.08: हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १३७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
अध्याय 2.08 हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १३७

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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-

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