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प्रश्न
पाठ के आधार पर हर की पौड़ी पर होने वाली गंगाजी की आरती का भावपूर्ण वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
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उत्तर
‘हर की पौड़ी’ पर होने वाली गंगा जी की आरती का दृश्य अत्यंत अद्भुत और आकर्षक होता है। गंगा स्नान के बाद आरती का आयोजन किया जाता है। शाम के समय अनेक दीपक जल उठते हैं। पंडितजी अंगोछा लपेटकर पंचमंजिली नीलांजलि हाथ में लेकर आरती प्रारंभ करते हैं।
सबसे पहले पुजारियों के भर्राए गले से सामूहिक स्वर में “जय गंगा माता” की ध्वनि उठती है। घंटे-घड़ियाल की आवाज मनुष्य का ध्यान सांसारिकता से हटाकर आरती की ओर आकर्षित कर देती है। जलते दीपों से धरती और आकाश प्रकाशित हो उठते हैं। पूरे वातावरण में अगरु-चंदन की सुगंध फैल जाती है। इस प्रकार आरती का दृश्य अत्यंत भव्य होता है।
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