Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण संतुलन
Advertisements
उत्तर
पर्यावरण संतुलन
हमारे आस-पास का वातावरण ही पर्यावरण कहलाता है। हवा, पानी, पेड़-पौधे, समुद्र, नदी, तालाब, झरने, पहाड़ आदि पर्यावरण के ही अभिन्न अंग हैं। ये पर्यावरण को संतुलित बनाने में सहायता करते हैं। पेड़-पौधों हमारे पर्यावरण से कार्बनडाइ ऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलित रहता है। पेड़-पौधों का महत्त्व जानते हुए भी आज हमारे देश में कई पेड़-पौधों को काटा जा रहा है। समुद्रों को पाटकर घर बनाए जा रहे हैं। कारखानों, मीलों आदि का गंदा पानी नदियों, तालाबों, समुद्रों को दूषित कर रहा है। साथ ही इनका धुआँ वायु प्रदूषण को बढ़ा रहा है। इन सबका बुरा परिणाम सीधे पर्यावरण पर पड़ रहा है। धीरे-धीरे पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। पर्यावरण संतुलित न होने से ऋतुचक्र में अनियमितता आ गई है। इसका सबसे बुरा प्रभाव जीवनदायिनी वर्षा ऋतु पर हुआ है। वर्षा नियमित न होने के कारण कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि जैसी स्थिति निर्मित होती है, जिसका घातक परिणाम हमें आए दिन देखने को मिलता है।
संतुलित पर्यावरण हमें एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है और यदि वह सुरक्षाकवच क्षतिग्रस्त होगा तो हमारे ऊपर बुरा असर पड़ेगा, इसलिए उसकी रक्षा करने का दायित्व भी हमारा ही होता है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें वनों की कटाई, फैक्टरियों से निकलने वाला धुआँ, प्रदूषण आदि की रोकथाम करनी चाहिए। साथ ही चारों तरफ स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए। अतएव यह कहा जाए तो ज्यादा उपयुक्त होगा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हमारा सामाजिक दायित्व है और प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है।
इस संपूर्ण चराचर में आज जो कुछ भी है या तो पर्यावरण से लिया गया है या पर्यावरण का है। पर्यावरण और मानव परस्पर एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन यह भी सत्य है कि मानव ने सदैव पर्यावरण से कुछ न कुछ लिया ही है, उसे देने के बारे में बहुत कम अर्थात न के बराबर ही सोचा है। पर्यावरण मानव के इसी स्वार्थ के कारण कभी-कभी रुष्ट होकर मानव का अहित कर देता है। हमारा देश जहाँ आज एक ओर दिनप्रतिदिन प्रगति के कई सोपान चढ़ता जा रहा है, वहीं इस प्रगति पथ पर आगे बढ़ते हुए समस्याओंका जन्म भी हो रहा है। विज्ञान के चमत्कार से आज समाज का कोई भी व्यक्ति अछूता नहीं है। इसी विज्ञान के आविष्कारों ने आज पर्यावरण के लिए कई खतरे उत्पन्न कर दिए हैं। अत: हमारा सामाजिक दायित्व है कि हम अपने आस-पास के पर्यावरण की पूरी ईमानदारी से रक्षा करें।
पर्यावरण ने अपने हर रूप से मनुष्य को कुछ न कुछ लाभ ही दिया है। धरती पर उपलब्ध पर्यावरण के विभिन्न घटकों से ही मानव स्वयं का पोषण करता है। सूर्य की किरणें पृथ्वी पर जीवों में ऊर्जा का संचार करती हैं। बरसात अपनी अमृत रूपी बूँदों से जीवों का पोषण करती है। प्रकृति हमारे चारों ओर पर्यावरण के रूप में हमारे लिए एक सुरक्षा कवच का निर्माण करती है, लेकिन मानव विज्ञान और आधुनिकता की अंधी दौड़ में पर्यावरण का बड़ी तेजी से दोहन करता जा रहा है। पर्यावरण को किसी भी रूप में चोट पहुँचाने का अर्थ है कि मानव का अपने लिए खतरे को आमंत्रण देना। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना मनुष्य का परम कर्तव्य है, क्योंकि पर्यावरण के सानिध्य में ही मनुष्य के समस्त दुखों, समस्याओ, नीरसता, चिंता और निष्क्रियता का निवारण है।
पेड़ों की जब करोगे रक्षा।
तभी बनेगा जीवन अच्छा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
किसी पालतू प्राणी की आत्मकथा लिखिए।
‘पुस्तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
‘संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों तक निबंध लिखिए।
‘हमारी सैर’ विषय पर निबंध लिखिए।
वैचारिक निबंध: सेल्फी: सही या गलत
वैचारिक निबंध: अकाल: एक भीषण समस्या
‘मेरा प्रिय कवि/लेखक’ विषय पर सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
‘मैं प्रकृति बोल रही हूँ’ विषय पर निबंध लेखन कीजिए।
‘स्वार्थ के अंधेपन से व्यक्ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
दुर्घटना से देर भली
निम्नलिखित विषय पर 60-70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय नेता
निम्नलिखित विषय पर 60 - 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
मोबाइल की उपयोगिता
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
अनुशासन का महत्त्व
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
गरमी की पहली बारिश
नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
दिया और तूफ़ान : मानव जीवन का सत्य
आतंकवाद
निबंध लिखिए:
तनाव
निबंध लिखिए:
सफलता
निबंध लिखिए-
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।
निबंध लिखिए -
यदि मैं प्रधानमंत्री होता।
निबंध लिखिए -
जल संचयन
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80-100 शब्दों में निबंध लिखिए।
समय बड़ा बलवान
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका
पुढील घटक (फूल) तुमच्याशी बोलत आहे, अशी कल्पना करून त्या घटकाचे (फुलाचे) आत्मवृत्त लिहा.

‘यदि मैं शिक्षा मंत्री होता -----’ विषय पर लगभग सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
खालील मुद्द्यांच्या आधारे ‘मी अनुभवलेला पाऊस’ या विषयावर निबंध लिहा.

चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:

