हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

‘प्रदूषण मुक्‍त त्‍योहार’ इस विषय पर निबंध लिखिए। - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘प्रदूषण मुक्‍त त्‍योहार’ इस विषय पर निबंध लिखिए।

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

त्योहारों का मानव जीवन में विशेष महत्व है। हर एक त्योहार अपने आदर्श की छाप मानव जीवन में छोड़ता है।मनाने की पृथक विधिया त्योहार की विशिष्टता की द्योतक हैं। प्रत्येक त्यौहार अपनी निश्चित तिथि पर आता है और मानव समाज बड़ी उत्सुकता से उसकी प्रतीक्षा करता है। भारत त्योहारों की खान है। यहाँ पर विभिन्‍न धर्मों के लोग स्वतंत्रतापूर्वक रहते हैं। ये अपने त्योहारों को अपनी विधियों के अनुसार स्वतंत्रतापूर्वक मनाते हैं। वास्तव में ये त्योहार भारतीय संस्कृति के दर्पण हैं। इसके साथ ही शहर त्योहारों के दौरान उत्पन्न होने वाले अत्यधिक कूड़ो-कचरों से भी भर जाता है। हर साल पटाखे जलाने के कारण उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के संबंध में सरकार द्वारा जारी आंकड़े काफी भयावह होते हैं। दिवाली के अगले दिन हवा काफी दम घोंटने वाली हो जाती है, जिससे लोगो को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होने लगती है। हर साल दिवाली पर पटाखों द्वारा उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण का स्तर इतना भयावह होता है कि सरकार को प्रतिवर्ष पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है। होली सबसे बड़े हिंदू त्यौहारों में से एक है जो हर वर्ष रंग खेलकर मनाया जाता है। रासायनिक तथा विषैले तत्वों को एक दूसरे पर फेंकने से ज्यादा कुछ नहीं है। प्राकृतिक रंगो का जगह अब रासायनिक रंगो ने ले लिया है, जिसके द्वारा भूमि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। हर साल भक्त नदियों और समुद्रों में भगवान गणेश की मूर्ति को गणेश चतुर्थी के जश्न मनाने के बाद विसर्जित कर दिया जाता हैं। इनमें से अधिकतर मूर्तियाँ विभिन्न प्रकार के जहरीले पदार्थों और रंगों से बने हैं, जो कि जलीय जीवन के लिए बहुत ही खतरनाक होते है। छठ पूजा यह उत्तर भारत का एक और बड़ा त्यौहार जिसमें जल निकाय प्रदूषित हो जाते हैं। इस त्योहार में भक्त पूजा करने के लिए बड़ी तादाद में नदी और तालाब किनारे इकठ्ठे होते है, जिससे की इन जल स्त्रोतों की अवस्था काफी खराब हो जाती है, क्योंकि इस त्योहार में भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है जो अततः जल निकायों के प्रदूषण का कारण बनता है।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.09: मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! - स्वाध्याय [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.09 मधुर-मधुर मेरे दीपक जल!
स्वाध्याय | Q ५ | पृष्ठ ३९

संबंधित प्रश्न

मेरा देश भारत विषय पर 200 शब्दों का निबंध लिखिए।


‘पुस्‍तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लेखन कीजिए।


कल्पनाप्रधान निबंध: यदि श्यामपट बोलने लगा......


बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |


निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मैं पेड़ बोल रहा हूँ ...


निबंध लेखन -

एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा


निबंध लेखन -

कोरोना काल में दूरदर्शन की भूमिका


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

मैच खेलने का अवसर


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

झरोखे से बाहर


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

मेरा प्रिय खेल


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×