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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"
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उत्तर
'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत'
एक किसान था। उसके पास थोड़ी-सी जमीन थी। किसान खूब लगन और मेहनत से खेती करता था और अपने परिवार का पालन पोषण करता था। किसान धीरे-धीरे बूढ़ा होने लगा था और अब उससे मेहनत नहीं हो पाती थी। किसान का एक बेटा था जो अब जवान हो गया था, परंतु वह अपने पिता के समान मेहनत नहीं कर पाता था एक दिन किसान ने अपने बेटे को बुलाया और कहा बेटा! अब मैं बूढ़ा हो गया हूँ और अब मेरे हाथ पैरों में पहले जितनी ताकत नहीं रही। अब खेती का काम मुझसे नहीं हो पाता है। अब तुम जवान हो गए हो और खेत के साथ-साथ घर गृहस्थी भी तुम्हें ही देखनी पड़ेंगी। पिता के अनुरोध पर लड़का खेती का कार्य देखने लगा पर आलसी होने के कारण अपने पिता जैसी मेहनत नहीं करता था और आज का काम कल पर टाल देता था।
लड़के ने थोड़ी बहुत मेहनत कर जैसे-तैसे फसल तैयार कर ली और जब अब फसल पककर तैयार हो चुकी थी। गाँव के बुजुर्ग ने लड़के से कहा- बेटा! फसल पककर तैयार है अब इसे जल्द ही काट लो नहीं तो किसी जानवरों या पक्षियों के झुंड की नजर फसल पर गई तो वो इसे खा सकते हैं। लड़ने के बुजुर्ग की बात को सुनकर हाँ तो कह दिया पर जब वह फसल काटने गया तो तेज धूप और गर्मी के कारण उसका बुरा हाल हो गया और वह कल फसल काटने की बात कहकर खेत से घर आ गया। लड़के ने इसी तरह से दो दिन निकाल दिए और फसल नहीं काटी।
तभी कहीं से रात्रि में एक विशाल पक्षियों का झुंड आ गया और उसकी सारी फसल को खा गया। तीसरे दिन लड़का खेत पर आया तो पक्षियों के झुंड द्वारा अपनी फसल की हालत देखकर बहुत पछताने लगा। तभी वह बुजुर्ग लड़के के पास आया और कहने लगा- 'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।'
शिक्षा - इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है कि हमें अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए। समय बहुत मूल्यवान है।
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