Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘मेरा प्रिय कवि/लेखक’ विषय पर सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
Advertisements
उत्तर
मेरा प्रिय कवि
हालाँकि मैंने अभी तक बहुत से कवियों की रचनाओं का अध्ययन नहीं किया हैं, मगर मध्यकालीन युग के कबीर, मीरा, रहीम, सूरदास और संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी को ही पढ़ा हैं। इन काव्यकारो की रचनाओं में मानुष को अलौकिकता का रसास्वादन मिलता हैं। इन सभी में से तुलसीदास जी मेरे प्रिय कवि हैं, उनकी भक्ति और अलौकिकता को मैं नित नमन करता हूँ।
भक्ति भाव के साथ समन्वयात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने काव्य सौष्ठव से हिंदू समाज को संगठित कर विषम हालातों में विदेशी आक्रान्तों के आतंक के मध्य राम भक्ति के द्वारा संस्कृति को नवजीवन प्रदान कर एक सच्चे मार्गदर्शक संत की भूमिका का निर्वहन किया। चारो तरफ आंतक और भय का माहौल था। जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन और संस्कृति का नाश चरम स्तर पर जारी था।
मुगलों द्वारा जबरदस्ती से तलवार के बल पर हिंदूओं के धर्म का नाश किया गया। उसी दौर में अलग अलग छोटे छोटे सम्प्रदायों ने जन्म लेना शुरू कर दिया था। आम जनमानस को एकजुट करने की बजाय उन्हें मत मतांतर में विभाजित कर दिया। उस समय राह भ्रमित हिंदू समाज को एक नाविक की सख्त जरूरत थी, जो उनके जीवन को अंधकार से आस की किरण दिखाए। मेरे प्रिय कवि तुलसीदास जी ने राम का कल्याणकारी रूप प्रस्तुत कर जन जीवन में एक शक्ति का संचार किया। उनके द्वारा रचित रामचरितमानस आज भी समाज को एकमत रखने और समन्वय स्थापित करने की प्रेरणा दे रहा हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा
‘देश की उन्नति में युवाओं का योगदान’ विषय पर अपने विचारों की मौखिक तथा लिखित अभिव्यक्ति कीजिए।
‘जल है तो कल है’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:
जिन्हें जल्दी थी, वे चले गए
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं अध्यापक होता .....
निबंध लिखिए:
सफलता
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
नालंदा की सैर
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
सैनिक की आत्मकथा
वर्णनात्मक -

चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:

