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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए: सैनिक की आत्मकथा - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

सैनिक की आत्मकथा

लेखन कौशल
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उत्तर

सैनिक की आत्मकथा

मैं एक सैनिक हूँ। मेरा जीवन देश की सेवा में समर्पित है। जब मैंने पहली बार सेना की वर्दी पहनी थी, तब मेरे दिल में एक अनोखा गर्व था। मुझे लगा जैसे मैं अपनी माँ की गोद की रक्षा करने जा रहा हूँ। मेरी मातृभूमि मेरे लिए सबसे बड़ी पूजनीय है, और उसकी रक्षा के लिए मैं अपना जीवन भी न्योछावर करने को तैयार हूँ।

सैनिक का जीवन आसान नहीं होता। हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना पड़ता है। चाहे भीषण गर्मी हो, कड़कड़ाती ठंड हो या मूसलाधार बारिश – मैं हमेशा अपनी ड्यूटी पर तैनात रहता हूँ। कभी-कभी महीनों तक अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। बच्चों की मुस्कान, माँ की ममता और पत्नी के प्यार की याद सताती है, पर देश की रक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। जब मैं अपने देशवासियों की सुरक्षा करता हूँ, तो हर दर्द छोटा लगने लगता है।

सीमा पर कई बार दुश्मन की गोलियाँ गूंजती हैं, बमों के धमाके होते हैं, पर मेरे मन में डर नहीं होता। मेरी आँखों के सामने सिर्फ तिरंगा लहराता है और वही मेरा हौसला बढ़ाता है। कई बार मेरे साथी मुझसे बिछड़ जाते हैं, उनकी शहादत मेरे दिल पर गहरा असर छोड़ती है, पर मैं जानता हूँ कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके जाने के बाद मैं और भी मजबूत बन जाता हूँ, क्योंकि देश की रक्षा मेरा धर्म है।

मेरा जीवन एक प्रेरणा है – उन सभी के लिए जो देश की सेवा करना चाहते हैं। मैं चाहता हूँ कि हर युवा देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो। देश की रक्षा करना सिर्फ सैनिक का काम नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य है। मैं एक सैनिक हूँ, और मेरा गर्व यही है कि मैं अपने देश के लिए जीता हूँ, और अगर जरूरत पड़ी, तो देश के लिए मरने से भी पीछे नहीं हटूँगा।

मुझे विश्वास है, मेरा बलिदान आने वाली पीढ़ियों को एक नई दिशा देगा। जब मैं अपनी कहानी सुनाता हूँ, तो यही कहता हूँ – मैं एक सैनिक हूँ, और मेरे देश की रक्षा ही मेरा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

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