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निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए: मैं पृथ्वी बोल रही हूँ... - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:

मैं पृथ्वी बोल रही हूँ...

निम्नलिखित विषय पर लगभग 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए: 

मैं पृथ्वी बोल रही हूँ...

लेखन कौशल
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उत्तर

मैं पृथ्वी बोल रही हूँ...

हाँ, मैं पृथ्वी बोल रही हूँ। प्रकृति के समस्त ग्रहों में मेरा आकार काफी विशाल हैं। मेरे भूभाग पर मानव व जीव जन्तु बसते है जो मुझे धरती माता कहकर पुकारते हैं। मैं भी सभी सजीवों को अपने पुत्र के समतुल्य मानकर उनका भरण पोषण करती हूँ। मैं अपने इन बेटों को प्रसन्न चित देखकर खुश होती हूँ तथा हर संभव इनकी मदद करना चाहती हूँ। मेरे समतल एवं उपजाऊ भूभाग का उपयोग ये लोग कृषि व पौधों को उगाने के लिए करते हैं। अन्न, सब्जियां एवं फल फूलों से ये अपने उदर की भूख को शांत करते हैं। करोड़ो प्रजातियों के जीव जन्तु एवं वृक्ष मेरी सतह पर मिलजुलकर रहते हैं।

मेरा जन्म कैसे हुआ इसके बारे में सभी का अलग-अलग मत है कि मेरा जन्म अंतरिक्ष में हुए जोरदार धमाके से हुआ था जब धमाका हुआ तो चारों ओर धूल के कण और पत्थर के टुकड़े गुरुत्वाकर्षण की शक्ति की वजह से आपस में जुड़ने लगे और मेरा जन्म हुआ लेकिन धार्मिक लोग ये भी मानते हैं कि मेरा जन्म भगवान के द्वारा हुआ है। मेरा जन्म कैसे भी हुआ हो लेकिन मैं सबको जानती हूं मैं किसी के साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं करती। मेरे अंदर सभी को हवा, पानी आदि बराबर मिलता है मैं किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती। मुझमें बहुत सारे ऐसे वीर और महा योद्धाओ ने जन्म लिया है जिनपर मुझे गर्व है। मेरी गोद मे ही दानवीर कर्ण जैसे महादानी जिनको मैं हमेशा याद रखूंगी ने जन्म लिया है मेरी गोद मे ही भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लेकर हमेशा हमेशा के लिए पापियों का नाश कर दिया है। 

पर मनुष्य अपने थोड़े से फायदे के लिए मेरे अंदर रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करके मुझे बंजर कर देते हैं इससे धरती को बहुत नुकसान पहुंचता है। आज हम देखें तो मनुष्य ने मेरी इस पृथ्वी पर बहुत सारे प्रदूषण किए हैं जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण आदि प्रदूषणों की वजह से मनुष्य को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

आज मैं अपने सभी पुत्रों व पुत्रियों से निवेदन करती हूँ कि आप मुझे कष्ट न पहुंचाए। मैं आपकी माँ हूँ और निरंतर आपके भले की कामना करती हूँ। मेरे दो बेटे किसान और सेना का जवान हमेशा मेरी इज्जत को अपनी इज्जत मानकर अपना पूरा जीवन न्यौछावर कर देते हैं। यदि आप मुझे अपनी माँ मानकर मेरी सेवा करेगे तो मैं भी आपकी रक्षा हर पल करती रहूँगी। 

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निबंध लेखन
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2018-2019 (March) Set 1

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