हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

‘मैं लाल किला बोल रहा हूँ...’ निबंध लिखिए। - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘मैं लाल किला बोल रहा हूँ...’ निबंध लिखिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

मैं लाल किला बोल रहा हूँ...

भारत का हृदय दिल्‍ली है और दिल्‍ली का अंतःकरण मैं लाल किला हूँ। मैंने लगभग चार शताब्दियों का उतार-चढ़ाव देखा है। मेरी भावनाएँ मुगल साम्राज्य के उत्थान और पतन, उसके बाद के समय के चक्र जिसने इस शानदार राष्ट्र को तबाह कर दिया, और इसके अंतिम विनाश से जुड़ी हैं।

कई वर्षों तक मेरे सिर पर यूनियन जैक लहराता रहा, जो भारतीय गौरव को ठेस पहुँचाता है। वहाँ वे भंडार भी थे, जो ब्रिटिश सत्ता को सुरक्षित रखते थे। किंतु देश के सपूर्तों ने सन १८५७ की क्रांति का आयोजन कर सारे संसार को चौंका दिया। उस समय झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीर तात्या टोपे तथा अन्य लोगों ने विद्रोह की तीव्र अग्नि प्रज्वलित कर रखी थी।

‘लाल किला’ इतिहास में डूबा हुआ है। मैंने मुगल बादशाहों का वर्चस्व देखा है। मेरे ही आँगन में उनका राज्याभिषेक होता था, जहाँ अन्तर्राष्ट्रीय राजदूत सलामी देते थे और श्रद्धांजलि देते थे। मैंने राजनीतिक षडयंत्रों, सफलताओं और पराजयों के कई प्रसंग देखे हैं।

अंग्रेज़ों का इरादा मेरे जीवनकाल में ही आज़ाद हिन्द फ़ौज के महान देशभक्तों पर मुक़दमा चलाकर उन्हें फाँसी देने का था, लेकिन नेहरू ने उन्हें उनकी योजना को पूरा करने से रोक दिया। जब मैंने जवाहरलाल नेहरू और अन्य सार्वजनिक अधिकारियों को अपने आँगन में देखा तो मैंने उनकी सराहना करना शुरू कर दिया। नेहरू विश्व इतिहास के गहन अध्येता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के निपुण विद्वान थे। इतिहास की उज्ज्वल ज्योतियाँ मेरे प्रिय सुभाष और उनके सहयोगी थे। मुझे आज भी वे अवसर स्पष्ट रूप से याद हैं, जब हमारे पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार स्वतंत्र भारत का तिरंगा झंडा मेरे सिर से ऊपर उठाया था। फिर हर साल १५ अगस्त को मेरे ऊपर तिरंगा झंडा फहराया जाता है।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.11: अद्भुत वीर - स्वाध्याय [पृष्ठ १०३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 2.11 अद्भुत वीर
स्वाध्याय | Q १ | पृष्ठ १०३

संबंधित प्रश्न

‘संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि’ विषय पर अस्सी से सौ शब्‍दों तक निबंध लिखिए।


आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा


‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।


आपके द्‍वारा आँखों देखी किसी घटना/दुर्घटना का विवरण अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

पर्यावरण संतुलन


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

नदी की आत्मकथा


निबंध लेखन:

मेरा प्रिय खिलाड़ी


निबंध लिखिए:

मेरे प्रिय साहित्यकार


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नालंदा की सैर


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×