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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

‘मेरी अविस्मरणीय सैर’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

मेरी अविस्मरणीय सैर

मेरे पिताजी अपने कंपनी के तरफ से तीन दिन के लिए अहमदाबाद जाने वाले थे। मुझे स्कुल में छुट्टी थी तो पिताजी मुझे और मेरी माँ को भी अपने साथ ले गए। घूमना फिरना किसे पसंद नहीं। में बहुत खुश थी। हम अहमदाबाद पहुँचे पिताजी का काम पुरा हुआ और हम वहाँ से माउंट आबू जाने के लिए तीन घंटे लगते है। 

माउंट आबू और अहमदाबाद के बीच में आशापूरा माता को मंदिर आता है। हमने देवी के दर्शन लिए फिर माउंट आबू गए। मुझे लगता है के काश्मीर के बाद कोई जन्नत है तो माउंट आबू है। इतना खूबसूरत नजारा मैंने मेरी जिंदगी में कभी नहीं देखा था। वहाँ की हरियाली, सुंदर सुंदर फुल, ठंडी ठंडी हवा लगता था जैसे में जन्नत में आगयी हूँ। वहाँ एक छोटा सा झील है 'नक्की झील'। वहाँ हमने नाव की सवारी की। कहते है की, ठंडी के मौसम में ये झील पूरी तरह जम जाती है। झील के पास कुछ लोग प्राचीन कपड़े हमे पेहनाकर हमारी तस्वीर खींच ते है। मुझे उन्होंने राजकुमारी का कपड़ा दिया था। पापा को राजा और माँ को रानी के कपड़े दिए थे। हमने वो कपड़े पहेनकर बहोत सारी तस्वीरें खिंचवाई। कुछ समय के लिए हमने रॉयल फॅमिली का आनंद उठाया।

हमने गुरुशिखर, ब्रह्मकुमारी आश्रम, अर्षुदविश्वनाथ मंदिर देखा फिर आखिर में हम सनसेट पॉइंट देखने गए। सनसेट का नजारा बहुत खूबसूरत था। हमे उसी रात मुंबई के लिए निकलना था। लेकिन माउंट आबू की खूबसूरती मैंने मेरी आँखों में समा रखी थी और मेरे लिए यह एक छोटी सी अविस्मरणीय यात्रा थी।

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निबंध लेखन
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अध्याय 2.05: अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ८३]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 2.05 अथातो घुम्‍मक्‍कड़-जिज्ञासा
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ ८३
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