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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

‘बुरी संगति किसी को भी दिशाहीन बना सकती है’ इसपर तर्क सहित अपने विचार लिखिए।

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प्रश्न

‘बुरी संगति किसी को भी दिशाहीन बना सकती है’ इसपर तर्क सहित अपने विचार लिखिए।

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उत्तर

मनुष्य को सदैव अच्छी संगति करनी चाहिए। अच्छी या बुरी संगति का असर व्यक्ति के जीवन में पड़ता है। गलत लोगों की संगत करने पर कुछ समय के लिए तो सुख मिलता है, लेकिन बाद में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसे वक्त-वक्त पर किसी-न-किसी के साथ की आवश्यकता पड़ती है। अच्छी संगति ही मनुष्य के व्यक्तिमहत्त्व को प्रभावित करती है। जिस प्रकार से स्वाति की बूँद सीप में पड़कर मोती बन जाती है, उसी प्रकार सत्संगति में रहकर मनुष्य में भी परिष्कार होता है। बुरी संगति मनुष्य को पतन के रास्ते पर अग्रसर करती है। जभी मनुष्य अच्छे लोगों के साथ रहता है, तो उसके स्वभाव, चारित्रिक में सुधार आ जाता है। 

रहीम ने स्पष्ट कहा है -

कदली, सीप, भुजंग मुख, स्वाति एक गुण तीन।
जैसी संगति बैठिए, तैसोई फल दीन।।

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निबंध लेखन
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अध्याय 1.05: भाषा का प्रश् - लेखनीय [पृष्ठ २३]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 1.05 भाषा का प्रश्
लेखनीय | Q १. | पृष्ठ २३
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