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नाज़िमा एक नदी की धारा में मछलियाँ पकड़ रही है। उसकी मछली पकड़ने वाली छड़ का सिरा पानी की सतह से 1.8 m ऊपर है तथा डोरी के निचले सिरे से लगा काँटा पानी के सतह पर इस प्रकार स्थित है कि उसकी

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प्रश्न

नाज़िमा एक नदी की धारा में मछलियाँ पकड़ रही है। उसकी मछली पकड़ने वाली छड़ का सिरा पानी की सतह से 1.8 m ऊपर है तथा डोरी के निचले सिरे से लगा काँटा पानी के सतह पर इस प्रकार स्थित है कि उसकी नाज़िमा से दूरी 3.6 m है और छड़ के सिरे के ठीक नीचे पानी के सतह पर स्थित बिंदु से उसकी दूरी 2.4 m है। यह मानते हुए कि उसकी डोरी (उसकी छड़ के सिरे से काँटे तक) तनी हुई है, उसने कितनी डोरी बाहर निकाली हुई है (देखिए आकृति)? यदि वह डोरी को 5 cm/s की दर से अंदर खींचे, तो 12 सेकंड के बाद नाज़िमा की काँटे से क्षैतिज दूरी कितनी होगी?

 

योग
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उत्तर

मान लीजिए कि नाजिया की प्रारम्भिक स्थिति P पर छड़ का सिरा Q पर, काँटे की स्थिति R पर तथा Q से PR पर डाले गये लम्ब के पाद की स्थिति M पर है। तब प्रश्नानुसार,

PR = 3.6, QM = 1.8 m एवं RM = 2.4 m

PM = PR – RM = 3.6 – 2.4 = 1.2 m

मान लीजिए कि डोरी की वर्तमान लम्बाई = l m तो समकोण

∆QMR में, ∠QMR समकोण है

QR2 = RM2 + QM2 [पाइथागोरस प्रमेय से]

l2 = (2.4)2 + (1.8)2

= 5.76 + 3.24

= 9.00

l = `sqrt9` = 3 m

5 cm/s की चाल से 12 s में डोरी की लम्बाई में कमी

= 12 × 5

= 60 cm

= 0.6 m

डोरी की नई लम्बाई QS = 3.00 – 0.60

= 2.40 m

अब समकोण ∆QMS में, ∠QMS समकोण है

(SM)2 = (QS)2 – (QM)2 [पाइथागोरस प्रमेय से]

(SM)2 = (2.4)2 – (1.8)2

= 5.76 – 3.24

= 2.52

SM = `sqrt2.52`

= 1.59 m

नाजिया की काँटे से नवीन दूरी = SP = SM + MP

= 1.59 + 1.2

= 2.79 m

अतः नाजिया की काँटे से अभीष्ट दूरी = 2.79 m है।

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पाइथागोरस प्रमेय
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संबंधित प्रश्न

कुछ त्रिभुजों की भुजाएँ नीचे दी गई हैं। निर्धारित कीजिए कि इनमें से कौन-कौन से त्रिभुज समकोण त्रिभुज हैं। इस स्थिति में कर्ण की लंबाई भी लिखिए।

3 cm, 8 cm, 6 cm


आकृति में ABD एक समकोण त्रिभुज है जिसका कोण A समकोण है तथा AC ⊥ BD है। दर्शाइए कि

 

AD2 = BD.CD


ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसका कोण C समकोण है। सिद्ध कीजिए कि AB2 = 2AC2 है।


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आकृति में ∆ABC के अभ्यंतर में स्थित कोई बिंदु O है तथा OD ⊥ BC, OE ⊥ AC और OF ⊥ AB है। दर्शाइए कि

  1. OA2 + OB2 + OC2 – OD2 – OE2 – OF2 = AF2 + BD2 + CE2
  2. AF2 + OB2 + CE2 = AE2 + CD2 + BF2

 


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[संकेत : AB और DC को E पर मिलने के लिए बढ़ाइए]।


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