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Chapters
2: बचेंद्री पाल - एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा
▶ 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
4: धीरंजन मालवे - वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकट रामन
5: गणेशशंकर विद्यार्थी - धर्म की आड़
6: स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान
7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
8: रहीम - दोहे
9: नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा
10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
11: रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत
12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
13: अरुण कमल - नए इलाके में … खुशबू रचते हैं हाथ
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Solutions for Chapter 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9.
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि मौखिक [Pages 32 - 33]
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अतिथि कितने दिनों से लेखक के घर पर रह रहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
कैलेंडर की तारीखें किस तरह फड़फड़ा रही हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
पति-पत्नी ने मेहमान का स्वागत कैसे किया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
दोपहर के भोजन को कौन-सी गरिमा प्रदान की गई?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
तीसरे दिन सुबह अतिथि ने क्या कहा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
सत्कार की ऊष्मा समाप्त होने पर क्या हुआ?
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि लिखित (क) [Page 33]
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
अंदर ही अंदर कहीं मेरा बटुआ काँप गया।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
अतिथि सदैव देवता नहीं होता, वह मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
लोग दूसरे के होम की स्वीटनेस को काटने न दौड़ें।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
मेरी सहनशीलता की वह अंतिम सुबह होगी।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
एक देवता और एक मनुष्य अधिक देर साथ नहीं रहते।
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि लिखित (ख) [Page 33]
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
कौन-सा आघात अप्रत्याशित था और उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'संबंधों का संक्रमण के दौर से गुज़रना' −इस पंक्ति से आप क्या समझते हैं? विस्तार से लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
जब अतिथि चार दिन तक नहीं गया तो लेखक के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन आए?
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि भाषा अध्ययन [Pages 33 - 34]
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्याय लिखिए −
|
चाँद |
ज़िक्र |
आघात |
ऊष्मा |
अंतरंग |
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए −
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
किसी लॉण्ड्री पर दे देते हैं, जल्दी धुल जाएँगे। (प्रश्नवाचक वाक्य)
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
सत्कार की ऊष्मा समाप्त हो रही थी। (भविष्यत् काल)
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
इनके कपड़े देने हैं। (स्थानसूचक प्रश्नवाची)
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
कब तक टिकेंगे ये? (नकारात्मक)
पाठ में आए इन वाक्यों में ‘चुकना’ क्रिया के विभिन्न प्रयोगों को ध्यान से देखिए और वाक्य संरचना को समझिए-
- तुम अपने भारी चरण-कमलों की छाप मेरी ज़मीन पर अंकित कर चुके।
- तुम मेरी काफ़ी मिट्टी खोद चुके।
- आदर-सत्कार के जिस उच्च बिंदु पर हम तुम्हें ले जा चुके थे।
- शब्दों का लेन-देन मिट गया और चर्चा के विषय चूक गए।
- तुम्हारे भारी-भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी और तुम यहीं हो।
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि योग्यता विस्तार [Page 34]
‘अतिथि देवो भव’ उक्ति की व्याख्या करें तथा आधुनिक युग के संदर्भ में इसका आकलन करें।
विद्यार्थी अपने घर आए अतिथियों के सत्कार का अनुभव कक्षा में सुनाएँ।
अतिथि के अपेक्षा से अधिक रूक जाने पर लेखक की क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ हुईं, उन्हें क्रम से छाँटकर लिखिए।
NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि अतिरिक्त प्रश्न
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?
लेखक अपने अतिथि को दिखाकर दो दिनों से कौन-सा कार्य कर रहा था और क्यों?
लेखक ने एस्ट्रोनॉट्स का उल्लेख किस संदर्भ में किया है?
‘आर्थिक सीमाओं की बैंजनी चट्टान’ कहकर लेखक ने किस ओर संकेत किया है?
अतिथि को आया देख लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?
लेखक ने घर आए अतिथि के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का निर्वाह किस तरह किया?
लेखक ने अतिथि का स्वागत किसे आशा में किया?
लेखक ने ऐसा क्यों कहा है कि अतिथि मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है?
लेखक और अतिथि के बीच सौहार्द अब बोरियत का रूप किस तरह लेने लगा था?
यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?
लेखक के अनुसार अतिथि का देवत्व कब समाप्त हो जाता है?
लेखक के व्यवहार में आधुनिक सभ्यता की कमियाँ झलकने लगती हैं। इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।
दूसरे दिन अतिथि के न जाने पर लेखक और उसकी पत्नी का व्यवहार किस तरह बदलने लगता है?
अतिथि रूपी देवता और लेखक रूपी मनुष्य को साथ-साथ रहने में क्या परेशानियाँ दिख रही थीं?
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ पाठ की प्रासंगिकता आधुनिक संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते?
Solutions for 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
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NCERT solutions for Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 chapter 3 - शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
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Concepts covered in Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9 chapter 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि are गद्य (Prose) (Class 9 B).
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