Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता था?
Advertisements
Solution
लेखक अतिथि को एक भावभीनी विदाई देना चाहता था। वह चाहता था कि जब अतिथि जाए तो पति-पत्नी उसे स्टेशन तक छोड़ने जाए। उन्हें सम्मानजनक विदाई देना चाहते थे।
RELATED QUESTIONS
भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?
'उनाकोटी' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बतलाएँ कि यह स्थान इस नाम से क्यों प्रसिद्ध है?
“इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें” − गांधीजी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?
अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं और किन मानवीय मूल्यों के कारण गांधी जी देशभर में लोकप्रिय हो गए थे?
निम्नलिखित उदाहरण के अनुसार पाठ में आए शब्द-युग्मों को छाँटकर लिखिए −
उदाहरण : बेटा-बेटी
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए
निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त उपसर्ग लगाइए −
जैसे : पुत्र − सुपुत्र
वास व्यवस्थित कूल गति रोहण रक्षित
दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
गांधी जी से पहले ‘यंग इंडिया’ का संपादन कौन करते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
साधारण से साधारण आदमी तक के दिल में क्या बात अच्छी तरह घर कर बैठी है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
चालाक लोग साधारण आदमी की किस अवस्था का लाभ उठाते हैं?
लेखिका ने अंगदोरजी के प्रति किस तरह धन्यवाद ज्ञापित किया? इस पर उनकी प्रतिक्रिया क्या थी?
लेखक के अनुसार अतिथि का देवत्व कब समाप्त हो जाता है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?
पिछले बीस-पच्चीस वर्षों में हुए उन वैज्ञानिक खोजों, उपकरणों की सूची बनाइए, जिसने मानव जीवन बदल दिया हैं।
रामन् ने अपने प्रयोगों से विभिन्न वर्गों पर प्रकाश के प्रभाव के बारे में क्या सिद्ध कर दिया?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसमें केवल इतना ही दोष है कि वह कुछ भी नहीं समझता-बूझता और दूसरे लोग उसे जिधर जोत देते हैं, उधर जुत जाता है।
निम्नलिखित उदाहरण को पढ़कर पाठ में आए संयुक्त शब्दों को छाँटकर लिखिए-
उदहारण : चलते-पुरजे
गांधी जी के अनुसार धर्म का स्वरूप क्या था?
कुछ लोग ईश्वर को रिश्वत क्यों देते हैं? ऐसे लोगों को लेखक क्या सुझाव देता है?
