Advertisements
Advertisements
Question
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ पाठ की प्रासंगिकता आधुनिक संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
Solution
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ नामक पाठ में बिना पूर्व सूचना के आने वाले उस अतिथि का वर्णन है जो मेहमान नवाजी का आनंद लेने के चक्कर मेजबान की परेशानियों को नज़रअंदाज कर जाता है। अतिथि देवता को नाराज़ न करने के चक्कर में मेजबान हर परेशानी को झेलने के लिए विवश रहता है। वर्तमान समय और इस महँगाई के युग में जब मनुष्य अपनी ही ज़रूरतें पूरी करने में अपने आपको असमर्थ पा रहा है और उसके पास समय और साधन की कमी है तब ऐसे अतिथि का स्वागत सत्कार करना कठिन होता जा रहा है। अतः यह पाठ आधुनिक संदर्भो में पूरी तरह प्रासंगिक है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
लेखिका की अनुपस्थिति में गिल्लू प्रकृति के सान्निध्य में अपना जीवन किस प्रकार बिताता था?
लेखक की दिनचर्या कुछ लोगों से किस तरह भिन्न है? उनाकोटी के आधार पर लिखिए।
लेखक ने अर्धमृत्यु की हालत में कहाँ रहने की जिद की और क्यों?
लेखक को पुस्तकालय से अनिच्छापूर्वक क्यों उठना पड़ता था?
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
“इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें” − गांधीजी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:
लड़के को बचाने के लिए बुढ़िया माँ ने क्या-क्या उपाय किए?
पाठ के संदर्भ के अनुसार निम्नलिखित वाक्यांशों की व्याख्या कीजिए −
बंद दरवाज़े खोल देना, निर्वाह करना, भूख से बिलबिलाना, कोई चारा न होना, शोक से द्रवित हो जाना।
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं को ध्यान से पढ़िए और इस प्रकार के कुछ और वाक्य बनाइए :
(क)
- लड़के सुबह उठते ही भूख से बिलबिलाने लगे।
- उसके लिए तो बजाज की दुकान से कपड़ा लाना ही होगा।
- चाहे उसके लिए माँ के हाथों के छन्नी-ककना ही क्यों न बिक जाएँ।
(ख)
-
अरे जैसी नीयत होती है, अल्ला भी वैसी ही बरकत देता है।
-
भगवाना जो एक दफे चुप हुआ तो फिर न बोला।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अहमदाबाद से कौन-से दो साप्ताहिक निकलते थे?
उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए-
उदाहरण : गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
गांधी जी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।
- महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
- पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
- दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
- देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
- गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सबके कल्याण हेतु अपने आचरण को सुधारना क्यों आवश्यक है?
लेखिका को बड़ा फूल (प्लूम) कैसा लगा? यह फूल कैसे बनता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अतिथि कितने दिनों से लेखक के घर पर रह रहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'संबंधों का संक्रमण के दौर से गुज़रना' −इस पंक्ति से आप क्या समझते हैं? विस्तार से लिखिए।
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्याय लिखिए −
|
चाँद |
ज़िक्र |
आघात |
ऊष्मा |
अंतरंग |
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
किसी लॉण्ड्री पर दे देते हैं, जल्दी धुल जाएँगे। (प्रश्नवाचक वाक्य)
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
रामन् की खोज ______ के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।
रामन् ने अपने प्रयोगों से विभिन्न वर्गों पर प्रकाश के प्रभाव के बारे में क्या सिद्ध कर दिया?
