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Solutions for Chapter 1: मात्रक और मापन
Below listed, you can find solutions for Chapter 1 of CBSE NCERT for Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11.
NCERT solutions for Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11 1 मात्रक और मापन अभ्यास [Pages 10 - 12]
रिक्त स्थान भरिए.
किसी 1 cm भुजा वाले घन का आयतन______m3 के बराबर है।
किसी 2 cm त्रिज्या व 10 cm ऊंचाई वाले सिलिंडर का पृष्ठ क्षेत्रफल ______(mm)2 बराबर है।
कोई गाड़ी 18 km/h की चाल से चल रही है तो यह 1s में ______m चलती है।
सीसे का आपेक्षिक घनत्व 11.3 है। इसका घनत्व______g cm-3 या______kg m-3 है।
रिक्त स्थान को मात्रकॉं के उचित परिर्वतन द्वारा भरिए.
`1 "kg" "m"^2 "s"^-2` = ______ `"g" "cm"^2 "s"^-2`
रिक्त स्थान को मात्रकॉं के उचित परिर्वतन द्वारा भरिए.
1 m =______ ly
रिक्त स्थान को मात्रकॉं के उचित परिर्वतन द्वारा भरिए.
`3.0 "m""s"^-2` = ______`"km""h"^-2`
रिक्त स्थान को मात्रकॉं के उचित परिर्वतन द्वारा भरिए.
G = 6.67 x 10-11 Nm2 (kg)-2 =______ (cm)3 s-2 g-1
ऊष्मा (परागमन में ऊर्जा) का मात्रक कैलोरी है और यह लगभग 4.2 J के बराबर है, जहाँ 1 J =1 kg m2 s-2 मान लीजिए कि हम मात्रकों की कोई ऐसी प्रणाली उपयोग करते हैं जिसमें द्रव्यमान का मात्रक α kg के बराबर है, लंबाई का मात्रक β m के बराबर है, समय का मात्रक γs के बराबर है। यह प्रदर्शित कीजिए कि नए मात्रकों के पदों में कैलोरी का परिमाण 4.2 α-1 β-2 γ2 है।
इस कथन की स्पष्ट व्याख्या कीजिए : तुलना के मानक का विशेष उल्लेख किए बिना “किसी विमीय राशि को 'बड़ा' या 'छोटा' कहना अर्थहीन है।” इसे ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गए कथनों को जहाँ कहीं भी आवश्यक हो, दूसरे शब्दों में व्यक्त कीजिए:
- परमाणु बहुत छोटे पिण्ड होते हैं।
- जेट वायुयान अत्यधिक गति से चलता है।
- बृहस्पति का द्रव्यमान बहुत ही अधिक है।
- इस कमरे के अंदर वायु में अणुओं की संख्या बहुत अधिक है।
- इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन से बहुत भारी होता है।
- ध्वनि की गति प्रकाश की गति से बहुत ही कम होती है।
लंबाई का कोई ऐसा नया मात्रक चुना गया है जिसके अनुसार निर्वात में प्रकाश की चाल 1 है। लंबाई के नए मात्रक के पदों में सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी कितनी है, प्रकाश इस दूरी को तय करने में 8 min और 20 s लगाता है।
लंबाई मापने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे परिशुद्ध यंत्र है:
- एक वर्नियर केलिपर्स जिसके वर्नियर पैमाने पर 20 विभाजन हैं।
- एक स्क्रूगेज जिसका चूड़ी अंतराल 1 mm और वृत्तीय पैमाने पर 100 विभाजन हैं।
- कोई प्रकाशिक यंत्र जो प्रकाश की तरंगदैर्घ्य की सीमा के अंदर लंबाई माप सकता है।
कोई छात्र 100 आवर्धन के एक सूक्ष्मदर्शी के द्वारा देखकर मनुष्य के बाल की मोटाई मापता है। वह 20 बार प्रेक्षण करता है और उसे ज्ञात होता है कि सूक्ष्मदर्शी के दृश्य क्षेत्र में बाल की औसत मोटाई 3.5 mm है। बाल की मोटाई का अनुमान क्या है?
निम्नलिखित के उत्तर दीजिए्:
आपको एक धागा और मीटर पैमाना दिया जाता है। आप धागे के व्यास का अनुमान किस प्रकार लगाएँगे?
एक स्क्रूगेज का चूड़ी अंतराल 1.0 mm है और उसके वृत्तीय पैमाने पर 200 विभाजन हैं। क्या आप यह सोचते हैं कि वृत्तीय पैमाने पर विभाजनों की संख्या स्वेच्छा से बढ़ा देने पर स्क्रूगेज की यथार्थता में वृद्धि करना संभव है?
वर्नियर केलिपर्स द्वारा पीतल की किसी पतली छड़ का माध्य व्यास मापा जाना है। केवल 5 मापनों के समुच्चय की तुलना में व्यास के 100 मापनों के समुच्चय के द्वारा अधिक विश्वसनीय अनुमान प्राप्त होने की संभावना क्यों है?
किसी मकान का फोटोग्राफ 35 mm स्लाइड पर 1.75 cm2 क्षेत्र घेरता है। स्लाइड को किसी स्क्रीन पर प्रक्षेपित किया जाता है और स्क्रीन पर मकान का क्षेत्रफल 1.55 m2 है। प्रक्षेपित्र-परदा व्यवस्था का रेखीय आवर्धन क्या है?
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
0.007 m2
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
2.64 x 1024 kg
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
0.2370 g cm-3
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
6.320 J
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
6.032 Nm-2
निम्नलिखित में सार्थक अंक की संख्या लिखिए:
0.0006032 m2
धातु की किसी आयताकार शीट की लंबाई, चौड़ाई व मोटाई क्रमशः 4.234 m, 1.005 m व 2.01 cm है। उचित सार्थक अंकों तक इस शीट का क्षेत्रफल व आयतन ज्ञात कीजिए।
पंसारी की तुला द्वारा मापे गए डिब्बे का द्रव्यमान 2.30 kg है। सोने के दो टुकड़े जिनका द्रव्यमान 20.15 g व 20.17 g है, डिब्बे में रखे जाते हैं।
- डिब्बे का कुल द्रव्यमान कितना है,
- उचित सार्थक अंकों तक टुकड़ों के द्रव्यमानों में कितना अंतर है?
भौतिकी का एक प्रसिद्ध संबंध किसी कण के चल द्रव्यमान (moving mass) m, 'विराम द्रव्यमान (rest mass) m0', इसकी चाल ν और प्रकाश c की चाल के बीच है। (यह संबंध सबसे पहले अल्बर्ट आईंस्टाइन के विशेष आपेक्षिकता के सिद्धांत के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ था।) कोई छात्र इस संबंध को लगभग सही याद करता है। लेकिन स्थिरांक c को लगाना भूल जाता है। वह लिखता है:
`"m" = "m"_0/(1-"v"^2)^(1/2)`।
अनुमान लगाइए कि c कहाँ लगेगा?
परमाण्विक पैमाने पर लंबाई का सुविधाजनक मात्रक एंगस्ट्रम है और इसे `Å: 1Å = 10^-10 "m"` द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है। हाइड्रोजन के परमाणु का आमाप लगभग 0.5 Å है। हाइड्रोजन परमाणुओं के एक मोल का m3 में कुल आण्विक आयतन कितना होगा?
किसी आदर्श गैस का एक मोल (ग्राम अणुक) मानक ताप व दाब पर 22.4 L आयतन (ग्राम अणुक आयतन) घेरता है। हाइड्रोजन के ग्राम अणुक आयतन तथा उसके एक मोल के परमाण्विक आयतन का अनुपात क्या है? (हाइड्रोजन के अणु की आमाप लगभग `1dot"A" "मानिए"`)। यह अनुपात इतना अधिक क्यों है?
इस सामान्य प्रेक्षण की स्पष्ट व्याख्या कीजिए : यदि आप तीव्र गति से गतिमान किसी रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर देखें तो समीप के पेड़, मकान आदि रेलगाड़ी की गति की विपरीत दिशा में तेजी से गति करते प्रतीत होते हैं, परन्तु दूरस्थ पिण्ड (पहाड़ियाँ, चंद्रमा, तारे आदि) स्थिर प्रतीत होते हैं। (वास्तव में क्योंकि आपको ज्ञात है कि आप चल रहे हैं, इसलिए ये दूरस्थ वस्तुएँ आपको अपने साथ चलती हुई प्रतीत होती हैं।)
सूर्य एक ऊष्म प्लैज्मा (आयनीकृत पदार्थ) है जिसके आंतरिक क्रोड का ताप 107K से अधिक और बाह्य पृष्ठ का ताप लगभग 6000 K है। इतने अधिक ताप पर कोई भी पदार्थ ठोस या तरल प्रावस्था में नहीं रह सकता। आपको सूर्य का द्रव्यमान घनत्व किस परिसर में होने की आशा है? क्या यह ठोसों, तरलों या गैसों के घनत्वों के परिसर में है? क्या आपका अनुमान सही है, इसकी जाँच आप निम्नलिखित आँकड़ों के आधार पर कर सकते हैं: सूर्य का द्रव्यमान = 2.0 × 1030 kg सूर्य की त्रिज्या = 7.0 × 108 m।
Solutions for 1: मात्रक और मापन
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NCERT solutions for Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11 chapter 1 - मात्रक और मापन
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