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Solutions for Chapter (ख): व्यजञ्जनसन्धय:
Below listed, you can find solutions for Chapter (ख) of CBSE CBSE for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10.
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (ख) व्यजञ्जनसन्धय: जश्वसन्धिः [Pages 17 - 18]
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
सद्गुणाः = ...... + ......
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
अब्ज: = ..... + .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
षट् + आननः = .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
भवत् + आज्ञा = .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
तदनुसारः = ...... + ......
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
अजादिः = .... + .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
प्राक् + ऐतिहासिकम् = ......
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
अच् + अन्तः = .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
सम्राट् + गच्छति = .....
अधोलिखित पदं सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
अप् + धिः = .....
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
ऋक् + वेदः विश्वसाहित्ये आदिमः आलेखः अस्ति।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
धिग्युष्मान् इति बकः सर्वान् खगान् वदति।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
जिह्वालोलुपः मेघः यत् पश्यति तत् + भक्षयति।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
न कुर्यादहितं कर्म स परेभ्य: कदाचन।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
षट् + ऋतवः एव संवत्सरस्य नाभयः सन्ति।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
अनिच्छन् अपि वार्ष्णेय बलादिव नियोजितः।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
श्रीकृष्णः विराट् + रूपं दर्शितवान्।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
गुप् + धेनू: रक्षति। (रक्षक इत्यर्थे)
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
सम्यगभिज्ञातं भवता।
अधोलिखित वाक्य रेखाड़ितानां पदानां सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत -
कालः भूतं वर्तमानं भविष्यत् + अपि जानाति।
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (ख) व्यजञ्जनसन्धय: परसवर्णसन्धि: [Pages 19 - 21]
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
भारत्या: कोष: सम् + चयात् नश्यति।
....../.....
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
सः एकं भयम् + करं दृश्यम् अपश्यत्।
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
ये अविद्याम् उपासते, ते अन्धम् + तमः प्रविशन्ति।
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
नृप: रिपुम् + जयति।
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
सा नदीम् + तरति।
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
सम् + गच्छध्वम्।
परसवर्णसन्धिं कुरुत -
अहं वेदम् + पठामि।
अधोलिखित सन्धिं कुरुत -
अं + कित: (कवर्गः) = .....
अधोलिखित सन्धिं कुरुत -
चं + चल: (चवर्गः) = ......
अधोलिखित सन्धिं कुरुत -
घं + टा (टवर्गः) = .....
अधोलिखित सन्धिं कुरुत -
चं + दनम् (तवर्गः) = .....
अधोलिखित सन्धिं कुरुत -
चं + पक: (पवर्गः) = .....
परस्वर्ण-नियमस्य तालिकां पूरयत -
| अनुस्वारसहितपदानि | पूर्वपदस्य अन्तिमः वर्णः | उत्तरपदस्य प्रथमः वर्णः | पूर्वपदस्य स्थाने पञ्चमवर्णः | सन्धियुक्तम् पदम् | विकल्परूपम् |
| तृणं + चरति | · — (अनुस्वारः) |
च् | ञ् | तृणञ्चरति | तृणं चरति |
| धनं + ददाति | द् | न् | ....... | धनं ददाति | |
| कार्यं + करोति | क् | ङ् | ....... | कार्यं करोति | |
| भोजनं + पचति | प् | म् | ....... | भोजनं पचति | |
| वृक्षं + परितः | प् | म् | ....... | वृक्षं परितः | |
| प्रमाणं + टीकते | ट् | ण् | ....... | प्रमाणं टीकते | |
| वेदं + जानाति | ज् | ञ् | ....... | वेदं जानाति |
सन्धिच्छेदम् कुरुत -
| उदाहरणानि | सन्धिच्छेदः | विकल्परूपम् |
| पायसम्भुङ्क्ते | पायसम् + भुङ्क्ते | पायसं भुङ्क्ते |
| भोजनङ्करोति | ..... | ..... |
| सायङ्कालः | ..... | ..... |
| तृणञ्चलति | ..... | ..... |
| विद्यान्धारयति | ..... | ..... |
| धनन्ददाति | ..... | ..... |
| शत्रुञ्जयति | ..... | ..... |
अधः प्रदत्तसूक्ति स्थूलाक्षरपदानां सन्धिच्छेदं कुरुत -
किङ्कुलेन विशालेन विद्याहीनेन जन्तुना।
अधः प्रदत्तसूक्ति स्थूलाक्षरपदानां सन्धिच्छेदं कुरुत -
नैतदस्त्रं मनुष्येषु प्रयोक्तव्यं कथञ्चन।
अधः प्रदत्तसूक्ति स्थूलाक्षरपदानां सन्धिच्छेदं कुरुत -
पापिनाञ्च सदा दुःखम्।
अधः प्रदत्तसूक्ति स्थूलाक्षरपदानां सन्धिच्छेदं कुरुत -
विद्वत्तञ्च नृपत्वञ्च नैव तुल्यङ्कुदाचन।
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (ख) व्यजञ्जनसन्धय: छत्वसन्धिः [Page 22]
उदाहरणम् अनुसृत्य अधोलिखिततालिकां पूरयत -
| पदानि | पूर्वपदस्य अन्तिमः वर्णः |
उत्तरपदस्य प्रथमः वर्णः |
शकारात् परवर्णः |
सन्धिपदम् |
| तत् + शिवः | त् | श् | इ | तच्छिवः |
| मत् + शत्रुः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| श्रीमत् + शरच्चन्द्रः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| सत् + शीलः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| उत् + श्रितम् | ..... | ..... | ..... | ..... |
| त्यागात् + शान्तिः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| एतत् + शक्यम् | ..... | ..... | ..... | ..... |
| उत् + श्वासः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| हत् + शान्तिः | ..... | ..... | ..... | ..... |
| तत् + श्रुत्वा | ..... | ..... | ..... | ..... |
| सत् + शास्त्रम् | ..... | ..... | ..... | ..... |
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (ख) व्यजञ्जनसन्धय: तुगागम: [Page 23]
अनुसृत्य सन्धिच्छेदं कुरुत -
विच्छेदम् = .......
अनुसृत्य सन्धिच्छेदं कुरुत -
परिच्छेदः = ......
अनुसृत्य सन्धिच्छेदं कुरुत -
अनुच्छेदः = .....
अनुसृत्य सन्धिच्छेदं कुरुत -
कुशलच्छात्रः = ......
अनुसृत्य सन्धिच्छेदं कुरुत -
एकच्छत्रम् = .....
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (ख) व्यजञ्जनसन्धय: अनुनासिकसन्धि: [Page 24]
अधः दत्त वाक्य स्थूलाक्षरम् आश्रित्य सन्धिः विच्छेदः वा क्रियताम्।
सर्वे व्यवहाराः वाक् + मूलाः सन्ति = ........
अधः दत्त वाक्य स्थूलाक्षरम् आश्रित्य सन्धिः विच्छेदः वा क्रियताम्।
एतत् + न रोचते = ......
अधः दत्त वाक्य स्थूलाक्षरम् आश्रित्य सन्धिः विच्छेदः वा क्रियताम्।
छात्रः तन्मयः भूत्वा पठति = ......
अधः दत्त वाक्य स्थूलाक्षरम् आश्रित्य सन्धिः विच्छेदः वा क्रियताम्।
सभायां षण्णवतिः नागरिकाः तिष्ठन्ति = .......
Solutions for (ख): व्यजञ्जनसन्धय:

CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 chapter (ख) - व्यजञ्जनसन्धय:
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