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Chapter *: अपठितावबोधनम्

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Solutions for Chapter (क): अव्ययीभाव समास:
Below listed, you can find solutions for Chapter (क) of CBSE CBSE for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10.
CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 (क) अव्ययीभाव समास: अभ्यासः [Pages 37 - 40]
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
यथास्थानम् - ........
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
सक्रोधम् - ......
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
प्रतिदिनम् - ......
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
उपगङ्गम् - ......
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
अनुद्रौणि - ......
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
एतेषां समुचितं विग्रहवाक्यं मञ्जूषातः चित्वा समक्षं लिखत -
निर्विघ्नम् - ......
मञ्जूषा
| विघ्नानाम् अभावः, दिनं दिनम् इति, द्रौणे: पश्चात्, क्रोधेन सहितम् (सह), गङ्गायाः समीपम्, स्थानम् अनतिक्रम्य। |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
उप - समीपम्
| उपनदम्/उपनदि | = | नद्याः समीपम् | उपनगरम् | = | ...... |
| ...... | = | राष्ट्रपतेः समीपम् | उपयमुनम् | = | यमुनायाः समीपम् |
| उपवधु | = | वध्वाः समीपम् | ...... | = | गिरेः समीपम् |
| उपकुलम् | = | ...... | उपतटम् | = | तटस्य समीपम् |
| ...... | = | गृहस्य समीपम् | उपग्रामम् | = | ...... |
| ...... | = | गङ्गायाः समीपम् | उपगुरु | = | ...... |
| ...... | = | कृष्णस्य समीपम् | उपकार्यालयम् | = | ...... |
| ...... | = | पर्वतस्य समीपम् |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
निर् - अभावः
| निर्मक्षिकम् | = | मक्षिकाणाम् अभावः | निर्जनम् | = | ..... |
| ..... | = | गुणानाम् अभावः | निर्विघ्नम् | = | ..... |
| ..... | = | दोषाणाम् अभावः | निरङ्कुशम् | = | ..... |
| ..... | = | फलानाम् अभावः | निष्कलङ्कम् | = | ..... |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
अनु - योग्यम्, पश्चात्
| अनुहरि | = | हरेः पश्चात् | अनुरामम् | = | ..... |
| ..... | = | व्रतस्य योग्यम् | अनुरूपम् | = | ..... |
| ..... | = | वृक्षस्य योग्यम् | अनुरथम् | = | रथस्य पश्चात् |
| अनुयमुनम् | = | ..... | ..... | = | गङ्गायाः पश्चात् |
| अनुगुणम् | = | ..... | ..... | = | शम्भोः पश्चात् |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
प्रति - (वीप्सायाम्)
| प्रतिदिनम् | = | दिने दिने इति | प्रतिसप्ताहम् | = | ..... |
| प्रतिग्रामम् | = | ग्रामं ग्रामं प्रति / ग्रामे ग्रामे इति | ..... | = | छात्रं छात्रं प्रति |
| प्रत्येकम् | = | ..... | ..... | = | क्षणं क्षणम् प्रति |
| प्रतिवर्षम् | = | ..... | ..... | = | हृदयं हृदयं प्रति |
| प्रतिराज्यम् | = | ..... | ..... | = | नगरं नगरं प्रति |
| प्रतिमासम् | = | ..... |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
स - सह/सहितम्
| सहरि | = | हरिणा सह | सस्नेहम् | = | ..... |
| ..... | = | रागेण सह | सरोषम् | = | ..... |
| ..... | = | चित्रेण सह/चित्रैः सह | साट्टहासम् | = | ..... |
| ..... | = | क्रोधेन सहितम् | सपरिवारम् | = | ..... |
| ..... | = | धनेन सहितम् | सादरम् | = | ..... |
| सशरीरम् | = | ..... | ..... | = | विनयेन सह |
| सजलम् | = | ..... | सशङ्खम् | = | शङ्खेन सह |
| सहृदयम् | = | ..... |
अधोलिखितानि उदाहरणानि सावधानं पठित्वा समस्तपदं विग्रहं वा रिक्तस्थानेषु लिखत -
यथा - एवं प्रकारेण, अनतिक्रम्य = अनुसारम्
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् |
| यथाशक्ति | = शक्तिम् अनतिक्रम्य | यथेच्छम् | = ..... |
| ..... | = सामर्थ्यम् अनतिक्रम्य | यथासमयम् | = ..... |
| ..... | = रुचिम् अनतिक्रम्य | यथाबलम् | = ..... |
| ..... | = गतिम् अनतिक्रम्य | यथापरिस्थिति | = ..... |
| ..... | = प्रसङ्गम् अनतिक्रम्य | यथामर्यादम् | = ..... |
| ..... | = स्थानम् अनतिक्रम्य | यथारुचि | = ..... |
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
यथाशक्ति = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
विघ्नानाम् अभावः = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
उपगङ्गम् = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
रूपस्य योग्यम् = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
प्रत्येकम् = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
गृहं गृहम् प्रति = ......
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
मक्षिकाणाम् अभावः = .....
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
उपनदि = .....
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
गर्वेण सहितम् = .....
समासं विग्रहं वा कृत्वा लिखत -
कालम् अनतिक्रम्य = ......
अधोलिखितायां कथायां कानिचित् पदानि रेखाङ्कितानि सन्ति तेषां विग्रहान् रिक्तस्थानेषु लिखत -
एकः अतिदुष्टः वानरः आसीत्। प्रतिदिनं सः यथाशक्ति वृक्षे स्थितान् पक्षिणः तुदति स्म। उपनीडं गत्वा तेषां श्रमस्य उपहासं करोति स्म। एकः पक्षी अवदत् - भोः किमर्थम् उपहससि? अनुवृष्टि नीडम् एव अस्मान् रक्षति। वयं परिश्रमं कुर्मः निर्विघ्नं च जीवामः। वानरः साट्टहासम् अवदत् - मूर्खाः यूयम्! अरे योगिनां कुतः गृहम्? एवं कथयित्वा तेन दुष्टेन पक्षिणां नीडानि भग्नानि। एकः पक्षी अवदत्-योगिनः तु प्रतिजीवम् उपकारमेव कुर्वन्ति। किम् इदम् अनुरूपं साधुजनस्य?
| 1. ..... | 2. ..... | 3. ..... |
| 4. ..... | 5. ..... | 6. ..... |
| 7. ..... | 8. ..... |
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
एकदा राजा उपसरोवरं विहरति स्म।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
प्रकृतिमाता सर्वान् सस्नेहं पालयति।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
समयम् अनतिक्रम्य सर्वेषामेव महत्त्वं विद्यते।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
मुनेः आश्रमः तु निरस्त्रम् अस्ति।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
श्री ए.पी.जे. अब्दुलकलामः गुणानां योग्यं भारतरत्नं प्राप्तवान्।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
अर्थिनां समूहः प्रतिदिनं राज्ञः समीपम् आगच्छति।
अधोलिखितवाक्य रेखाङ्कितपदानां समासं विग्रहं वा कुरुत -
अनुचयनं नेतारः संसद्भवनं गच्छन्ति।
Solutions for (क): अव्ययीभाव समास:

CBSE solutions for Sanskrit Manika Dvitiyo Bhag Class 10 chapter (क) - अव्ययीभाव समास:
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