English

Commerce (English Medium) Class 12 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Elective)

Advertisements
Subjects
Topics
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi (Elective)
< prev  281 to 300 of 484  next > 

'सूने विराट के सम्मुख ............ दाग से!'- पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'क्षण के महत्त्व' को उजागर करते हुए कविता का मूल भाव लिखिए।

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

बच्चे का उधर-उधर कहना क्या प्रकट करता है?

[4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Chapter: [4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Concept: undefined >> undefined

'मैं स्वीकार करूँ, मैंने पहली बार जाना हिमालय किधर है' - प्रस्तुत पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

[4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Chapter: [4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Concept: undefined >> undefined

सत्य क्या पुकारने से मिल सकता है? युधिष्ठिर विदुर को क्यों पुकार रहे हैं- महाभारत के प्रसंग से सत्य के अर्थ खोलें।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

सत्य का दिखना और ओझल होना से कवि का क्या तात्पर्य है?

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

सत्य और संकल्प के अंतर्संबंध पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

'युधिष्ठिर जैसा संकल्प' से क्या अभिप्राय है?

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

कविता में बार-बार प्रयुक्त 'हम' कौन है और उसकी चिंता क्या है?

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

सत्य की राह पर चल। अगर अपना भला चाहता है तो सच्चाई को पकड़।– इन पंक्तियों के प्रकाश में कविता का मर्म खोलिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

आप सत्य को अपने अनुभव के आधार पर परिभाषित कीजिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

'ईमानदारी और सत्य की राह आत्म सुख प्रदान करती है' इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

गांधी जी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' की कक्षा में चर्चा कीजिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

'लगे रहो मुन्नाभाई' फ़िल्म पर चर्चा कीजिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

कविता में आए महाभारत के कथा-प्रसंगों को जानिए।

[5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [5] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined

'पत्थर' और 'चट्टान' शब्द किसके प्रतीक हैं?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को
हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को?
गोड़ो गोड़ो गोड़ो

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

कविता का आरंभ 'तोड़ो तोड़ो तोड़ो' से हुआ है और अंत 'गोड़ो गोड़ो गोड़ो' से। विचार कीजिए कि कवि ने ऐसा क्यों किया?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

ये झूठे बंधन टूटें
तो धरती को हम जानें
यहाँ पर झूठे बंधनों और धरती को जानने से क्या अभिप्राय हैं?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined

'आधे-आधे गाने' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Concept: undefined >> undefined
< prev  281 to 300 of 484  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×