English

'मैं स्वीकार करूँ, मैंने पहली बार जाना हिमालय किधर है' - प्रस्तुत पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

'मैं स्वीकार करूँ, मैंने पहली बार जाना हिमालय किधर है' - प्रस्तुत पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

प्रस्तुत पंक्तियों का भाव है कि मैं पहले समझता था कि मैं जानता हूँ हिमालय कहाँ है। अर्थात मुझे मालूम था कि हिमालय उत्तर दिशा में स्थित है। परन्तु बच्चे से इसके बारे में विपरीत दिशा जानकर मालूम हुआ कि जो मुझे पता है, वह तो गलत है। हर मनुष्य का सोचने-समझने का नजरिया तथा उसका यथार्थ अलग-अलग होता है। उसी के आधार पर वह तय करता है कि क्या सही है। बच्चे के लिए उसकी पतंग बहुत महत्वपूर्ण थी। हिमालय की दिशा से उसे कोई लेना-देना नहीं है। वह तो बस अपनी पतंग को पा लेना चाहता है। वह पतंग जिस दिशा में बढ़ती है, वही उसका सत्य है।

shaalaa.com
दिशा
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.04: केदारनाथ सिंह (बनारस, दिशा) - प्रश्न-अभ्यास [Page 27]

APPEARS IN

NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 1.04 केदारनाथ सिंह (बनारस, दिशा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | Page 27
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×