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Write a letter in Hindi in about 120 words on the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिंदी में लगभग 720 शब्दों में पत्र लिखिए:
आप गाँव में स्थित किसी विद्यालय में गए वहाँ की बुरी स्थिति देखकर उसके सुधार हेतु शिक्षा मंत्री को पत्र लिखिए।
Concept: पत्रलेखन
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
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“मुझे किसी ने बताया तक नहीं यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस पर तत्काल दवाई ना लगा दी जाए, तो बढ़कर एक बड़ा घाव बन जाती है और यही घाव नासूर हो जाता है, फ़िर लाख मरहम लगाओ ठीक नहीं होता।" सूखी डाली - उपेंद्रनाथ अश्क |
- कथन का वक्ता कौन है? उसका परिचय दीजिए।
- कथन का श्रोता कौन है? श्रोता ने ऐसा क्या कहा था कि वक्ता को उपर्युक्त बात कहनी पडी?
- 'नासूर' शब्द का अर्थ लिखकर बताइए कि इस समस्या के समाधान के लिए वक्ता के क्या विचार है?
- 'सूखी डाली' एकांकी किस पृष्ठभूमि पर आधारित है? इसके शीर्षक की सार्थकता पर भी प्रकाश डालिए।
Concept: सूखी डाली
Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए उस के नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिएः
| दक्षिण पूर्वी एशिया के दो छोटे किन्तु महत्वपूर्ण देश हैं- कंबोडिया और लाओस। कई वर्ष पहले की बात है इन दोनों देशों में पहले अच्छी मित्रता हुआ करती थी लेकिन अब ये दो पड़ोसी देश आपस में युद्ध करने की तैयारी कर रहे थे। झगड़ा दोनों देशों में बहने वाली एक नदी को लेकर था। नदी का नाम था 'मीकांग' जो लाओस से निकलकर कंबोडिया में बहती थी। दोनों देशों के लिए यह नदी बहुत महत्वपूर्ण थी। साथ ही दोनों देशवासी उसे पूजते भी थे। नदी के पानी की सिंचाई से दोनों देशों के खेत हरे-भरे रहते थे। दोनों देश मीकांग को जीवनदायिनी समझते थे दोनों का उस पर दावा था। इस मामले को लेकर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एक बार वे एक-दूसरे के देश पर हमला करने को तैयार हो गए और अपनी-अपनी सेनाएँ लेकर आमने-सामने खड़े हो गए। अचानक महात्मा बुद्ध वहाँ युद्ध भूमि में पहुँच गए। उन्होंने युद्ध के लिए तैयार देशों की क्शिल सेनाएँ देखी। महात्मा बुद्ध को इस प्रकार वहाँ अचानक देखकर दोनों ही सेनाओं में खलबली मच गई। बुद्ध ने दोनों देशों के राजाओं, मंत्रियों तथा अन्य अधिकारियों को अपने पास बुलाया। दोनों सेनाओं के बीच खड़े हो कर उन्होंने उन सभी से प्रश्न किया कि वे लोग आपस में क्यों युद्ध करने जा रहे हैं? बुद्ध को दोनों सेनाओं से यही जवाब मिला कि उन के जीवन की आधार 'मीकांग' नदी के जल के लिए यह युद्ध होने जा रहा है। बुद्ध ने पुनः प्रश्न किया कि नदी के जल और मानव के रक्त दोनों में से कौन अधिक मुल्यवान है। एक स्वर में दोनों ओर से जवाब मिला कि मानव का रक्त निस्संदेह नदी के जल से अधिक मूल्यवान् है। भगवान बुद्ध ने दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा कि शायद दोनों देशों की आपसी ईर्ष्या के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें लगने लगा था कि इस नदी के जल को बाँटने की समस्या का हल केवल युद्ध से हो सकता है। बुद्ध ने उन्हें समझाया कि समस्याओं का हल युद्ध के द्वारा निकालना संभव नहीं है। महात्मा बुद्ध की बातों को सुनकर दोनों सेनाओं में शांति छा गयी और दोनों पक्षों के लोग सोच में पड़ गए महात्मा बुद्ध के सुझाव के अनुसार उन दोनों देशों ने मिल कर एक शांति सभा बनाई। उस शांति सभा ने दोनों देशों के दावे को ध्यान से सुना। उन्होंने दोनों देशों में जाकर असली स्थिति को अपनी आँखों से खुद देखा और समझा कि यह नदी तो इन दोनों के लिए ही समान महत्त्व रखती है। फ़िर इसके लिए विवाद कैसा? इसी विषय पर खूब सोच-विचार करने के बाद, अंत में उस सभा ने एक विन ऐसा निर्णय दिया कि दोनों देश मान गए। आखिरकार उन के बीच होने वाला युद्ध टल गया और दोनों देशों में फिर से मित्रता हो गई। इसलिए कहते हैं कि मनुष्य का विवेक और समझ एक ऐसी शक्ति होती है जिसके द्वारा मानव हिंसात्मक और सर्वनाशकारी युद्धों तक को रोक सकता है और शांति के साथ प्रेमपूर्वक जीवन बिता सकता है तथा दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन सकता है। |
- कंबोडिया और लाओस कहाँ स्थित हैं और पहले इन दोनों वेशों के आपसी संबंध कैसे थे? [2]
- कौनसी नदी इन दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी और क्यों ? [2]
- एक दिन अचानक महात्मा बुद्ध कहाँ पहुँच गए थे? वहाँ जाकर उन्होंने अपने पास किसे और क्यों बुलाया? [2]
- अंत में कंबोडिया और लाओस के बीच की समस्या को किस प्रकार सुलझाया गया? [2]
- इस कहानी से मिलने वाली उन शिक्षाओं को लिखिए जो आज के समय में भी विश्व में शांति बनाए रखने में काम आ सकती हैं। [2]
Concept: अपठित गद्यांश
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
| 'चुपचाप बैठे तंग हो रहा था, कुढ़ रहा था कि मित्र अचानक बोले-“देखो वह क्या है?” मैंने देखा कि कोहरे की सफेदी में कुछ ही हाथ दूर से एक काली-सी मूर्ति हमारी तरफ आ रही थी, मैंने कहा-“होगा कोई।” - अपना-अपना भाग्य - श्री जैनेंद्र कुमार |
- 'मैंने' शब्द से किसकी ओर संकेत किया गया है? वह इस समय किस स्थान पर है? [2]
- 'काली सी मूर्ति' किसकी थी? लेखक ने उसकी दशा का वर्णन किस प्रकार किया है? [2]
- बालक कहाँ का रहनेवाला था? उसने अपने तथा अपने परिवार के विषय में क्या जानकारी दी? [3]
- प्रस्तुत कहानी मनुष्य की संवेवनहीनता का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती है-कहानी का उदाहरण देकर इस कथन को सिद्ध कीजिए। [3]
Concept: अपना-अपना भाग्य
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
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मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली, दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगी गली-गली, पाहुन ज्यों आए हो, गाँव में शहर के। मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए, आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए, बाँकी चितवन उठा नदी ठिंठकी, घूँघट सरकाए मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। - मेघ आए- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना |
- मेघ कहाँ आए हैं और कब आए हैं? [2]
- बयार को किस का प्रतीक बताया गया है? उसके आने पर गाँव वालों की कया स्थिति थी? [2]
- पेड़, धूल भरी आँधी तथा नदी को किस-किस का प्रतीक बताया गया है? समझाइए। [3]
- प्रस्तुत कविता में किस अलंकार का प्रयोग किया गया है तथा जिस ऋतु के विषय में बताया गया है उसके विषय में चार पंक्तियाँ लिखिए। [3]
Concept: मेघ आए
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| लगभग एक सप्ताह यही क्रम चलता रहा। हर समय एक व्यक्ति उनके पास बैठा रहता। कभी माँ तो कभी मीनू, कभी रोहित तो कभी आशा। उन सबकी सेवा व ईश्वर के आशीर्वाद से पिताजी की दशा में काफी सुधार हो गया। अब वे धीरे-धीरे अपने आप बैठने भी लगे थे, और थोड़ी देर बातें भी कर लेते थे। प्रात: लगभग नौ बजे का समय था। उस समय हल्की वर्षा की बुँदें पड़ रही थी। तभी घर के बाहर एक कार आकर रुकी। |
- 'पिताजी' को क्या हुआ था? डॉक्टर ने उन्हें क्या सलाह दी थी? [2]
- कार से कौन आए थे और क्यों? [2]
- बुआ जी जाते-जाते अपने भैया को क्या-क्या सलाह दे गई? क्या उपर्युक्त अवसर पर उनकी यह सलाह उचित थी? समझाइए। [3]
- पिताजी द्वारा मीनू को शादी का सुझाव दिए जाने पर मीनू ने उन्हें क्या कहकर समझाया? [3]
Concept: अपठित गद्यांश
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
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“पश्चाताप तो तुम्हें होना चाहिए। मैं क्यों पश्चाताप करूँगा? मैंने ऐसा कौनसा पाप किया है? मैंने अपने मन के भावों को गुप्त नहीं रखा, मैंने षड़यन्त्र नहीं किया, मैंनें गुरूजनों का वध नहीं किया।” महाभारत की एक साँझ - भारत भूषण अग्रवाल |
- प्रस्तुत पंक्तियों के वक्ता और श्रोता का परिचय दीजिए। [2]
- वक्ता पश्चाताप क्यों नहीं करना चाहता? वह अपने पक्ष में कौन-कौन से तर्क रखता है? [2]
- आपके अनुसार पश्चाताप किसे होना चाहिए था? वक्ता को या श्रोता को, तर्कसहित लिखिए । [3]
- श्रोता वक्ता के पास क्यों आया था? अन्त में वक्ता का क्या हाल होता है और क्यों? [3]
Concept: महाभारत की एक साँझ
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अकतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| “परंतु मैं तो इस पक्ष में जरा भी नहीं हूँ। हमारी भारत सरकार हमारी पढ़ाई पर कितना पैसा खर्च करती है और हम चंद पैसों के कारण विदेशों में जा कर बस जाएँ? यादि सभी बुद्धिजीवी विदेशों में जाकर बस जाएँगें तो हमारे देश की उन्नति किस प्रकार संभव हो सकेगी।” |
- वक्ता इस समय किस से मिलने आई है? वक्ता के यहाँ आने का कारण भी बताइए। [2]
- इस समय यहाँ किस व्यक्ति के विषय में और क्या बात की जा रही है जिसे सुनकर वक्ता ने यह सब कहा था? [2]
- प्रस्तुत पंक्तियों के आधार पर वक्ता के चारित्र की 'तीन' विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। [3]
- विद्यार्थियों में अपने देश के बजाय विदेश में शिक्षा प्राप्त करने की बढ़ती चाह के कारण भविष्य में देश को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है? समझाकर लिखिए। [3]
Concept: अपठित गद्यांश
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| “यह सब समय का फेर है, दीदी! मेरे भाग्य में यही सब लिखा था। मुझे एक फैक्ट्री में नौकरी मिल गई थी। मैं अपने को बहुत खुशनसीब समझ रहा था कि मुझे इतनी छोटी उम्र में ही नौकरी मिल गई।" |
- 'दीदी' कह कर किसे संबोधित किया गया है? वक्ता का संक्षिप्त परिचय दीजिए। [2]
- 'समय का फेर' किसे कहा जा रहा है और इस समय के फेर से वक्ता पर क्या प्रभाव पड़ा था? [2]
- 'दीदी' ने वक्ता की सहायता क्यों, कब और किस प्रकार से की थी? [3]
- अवतरण में दी गई पंक्तियों के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए कि मुसीबत में पड़े व्यक्ति की सहायता करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य होता है। [3]
Concept: अपठित गद्यांश
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
| बेनी माधव सिंह पुराने आदमी थे। इन भावों को ताड़ गए। उन्होंने निश्चय किया कि चाहे कुछ भी क्यों न हो, इन द्वेषियों को ताली बजाने का अकसर न दूँगा। तुरंत कोमल शब्दों में बोले “बेटा, मैं तुम से बाहर नहीं हूँ। तुम्हारा जो जी चाहे करो, अब तो लड़के से अपराध हो गया।” - बड़े घर की बेटी - प्रेमचंद |
- कथन के वक्ता एवं श्रोता का परिचय दीजिए। [2]
- 'इन भावों को ताड़ गए' कथन किस संदर्भ में कहा गया है? श्रोता ने उसे क्यों नहीं समझा था? स्पष्ट कीजिए। [2]
- किस लड़के से, कौन सा अपराध हो गया था और क्यों ? समझाकर लिखिए। [3]
- क्या श्रोता ने अपराध के लिए माफ किया? श्रोता का हृदय-परिवर्तनकराने में कौन, किस प्रकार सहायक था? [3]
Concept: बड़े घर की बेटी
'दिन' का उचित पर्यायवाची शब्द बताइए:
Concept: शब्द संपदा >> पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)
'पतीवरता' शब्द का शुद्ध रूप बताइए:
Concept: वाक्यगत अशुद्धियों का शोधन
'उन्नीस बीस का अन्तर' मुहावरे का अर्थ बताइए:
Concept: मुहावरे और लोकोक्तियाँ
रोगी की दिशा ठीक नहीं है।
(रेखांकित शब्द के स्थान पर उचित शब्द का प्रयोग कीजिए।)
Concept: वाक्य रूपांतरण
कई बार देश की रक्षा से जुड़े फैसलों को गुप्त रखा जाना आवश्यक होता है।
(रेखांकित वाक्यांश हेतु उपयुक्त शब्द का प्रयोग किस विकल्प में हुआ है)
Concept: वाक्य रूपांतरण
Read the extract given below and answer· in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
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ऐसो को उदार जग माही। बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर राम सरिस कोउ नाहीं। जो गति जोग विराग जतन करि, नहिं पावत मुनि-ज्ञानी। सो गति देते गीध सबरी कहूँ प्रभु न बहुत जिय जानी। जो संपत्ति दस सीस अरप करि रावन सिव पहँ लीन्ही। सो संपदा-विभीषण कहँ अति सकुच सहित प्रभु दीन्ही। तुलसीदास सब भाँति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो। तौ भजु राम, काम सब पूरन करै कृपानिधि तेरो। विनय के पद-तुलसीदास |
- तुलसीदास जी किस काल एवं शाखा के कवि थे? उनकी भक्ति-भावना पर प्रकाश डालिए। [2]
- प्रस्तुत पद में “गति” शब्द से क्या तात्पर्य है? राम ने गीध और सबरी को यह गति कब प्रदान की थी? [2]
- विभीषण का परिचय दीजिए। राम ने उसे कौन-सी संपदा प्रदान कर अपनी उदारता दिखाई तथा उदारता दिखाते समय उनका भाव किस प्रकार था? [3]
- पद की अंतिम दो पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए। [3]
Concept: विनय के पद
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
| वह भी अच्छी तरह से किस-किस को देखे। “आज कल तो ऐसा लगता है, मानो पूरा शहर ही अस्पताल में उमड़ आया है। समझ में नहीं आता, ऐसी भीड़ क्यों है?” भीड़ में खोया आदमी-लीलाधर शर्मा पर्वतीय |
- प्रस्तुत पंक्तियां किस संदर्भ में कही गई हैं? [2]
- श्रोता कहाँ गया था और क्यों? [2]
- पाठ में वर्णित भीड़ का क्या कारण है? इस भीड़ का कया परिणाम सहना पड़ रहा है? [3]
- इस भीड़ से कैसे बचा जा सकता है? लेखक अपने मित्र को भीड़ का रहस्य क्यों समझाना नहीं चाहते हैं? उदाहरण सहित बताइए। [3]
Concept: भीड़ में खोया आदमी
