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तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।

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Question

तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

  1. पहला छात्र – एक समय था, जबकि हमारे समाज में ऊँच-नीच और छुआछूत का बोलबाला था।
  2. दूसरा छात्र – यह बुराई आज कम हो गई है। परंतु पूरी तरह मिटी नहीं है।
  3. तीसरा छात्र – आज तो छुआछूत को अपराध घोषित कर दिया गया है।
  4. चौथा छात्र – अपराध घोषित होने से कुछ नहीं होता। समाज में समस्या ज्यों की त्यों है। कुछ जातियों को नीच मानकर बड़ी जातियों के लोग उनसे दूर रहते हैं।
  5. पाँचवा छात्र – आरक्षण के कारण यह समस्या और अधिक बढ़ गई है। छठा छात्र-मेरे विचार में आरक्षण के कारण यह समस्या कम होगी।
shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - योग्यता विस्तार [Page 96]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
Chapter 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
योग्यता विस्तार | Q 3 | Page 96

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निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

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निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

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