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संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए। संकरण का प्रकार आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल चुंबकीय व्यवहार केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

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Question

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
Answer in Brief
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Solution

[FeCl6]4−

Fe2+ = 3d6

  1. sp3d2
  2. बाह्य कक्षक संकुल
  3. अनुचुंबकीय
  4. `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(4(4 + 2)) = sqrt24` = 4.9 BM
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उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
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Chapter 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [Page 136]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q VI. 47. | Page 136

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उपसहसंयोजन यौगिकों का रंग क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन पर निर्भर करता है। संकुलों [Co(NH3)6]3+, [Co(CN)6]3− तथा [Co(H2O)6]3+ का दृश्य क्षेत्र में तरंगदैर्घ्य के अवशोषण का सही क्रम क्या होगा?


अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।


Mn, Fe और Co की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26 और 27 है। निम्नलिखित में से कौन-से आन्तरिक कक्षक अष्टफलकीय संकुल प्रतिचुंबकीय हैं?
(i) [Co(NH3)6]3+
(ii) [Mn(CN)6]3–
(iii) [Fe(CN)6]4–
(iv) [Fe(CN)6]3–

Mn, Fe, Co और Ni की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26, 27 और 28 है। निम्नलिखित में से किन वाह्य कक्षक अष्टफलकीय संकुलों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान है?
(i) [MnCl6]3–
(ii) [FeF6]3–
(iii) [CoF6]3–
(iv) [Ni(NH3)6]2+

[MnCl4]2− का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM है। इसे कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा
(C) [Ni(H2O)6]2+ (3) पीला-नीला
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (4) पीला-नारंगी
  (5) नीला

अभिकथन: ​[Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।

तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।


अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–


उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?


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