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Question
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–
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Solution
(1) [CoF6]3–:

Co3+ = 3d6
अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 4
∴ चुंबकीय आघूर्ण = `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(4(4 + 2)) = sqrt(24)` = 4.9 BM
(2) [Co(H2O)6]2+:

Co2+ = 3d7
अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 3
∴ चुंबकीय आघूर्ण = `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(3(3 + 2)) = sqrt15` = 3.87 BM
(3) [Co(CN)6]3–:

Co3+ = 3d6
कोई अयुगलित इलेक्ट्रॉन नहीं है इसलिए प्रतिचुंबकीय।
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Co(NH3)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
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