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Question
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
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Solution
[Mn(CN)6]3−
Mn3+ = 3d4

- d2sp3
- आंतरिक कक्षक संकुल
- अनुचुंबकीय
- `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(2(2 + 2)) = sqrt8` = 2.87 BM
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निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ का लिगंड होना अपेक्षित नहीं है?
[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?
(i) d2sp3 संकरण
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कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) |
| (A) [Cr(H2O)6]3+ | (1) dsp2, 1 |
| (B) [Co(CN)4]2– | (2) sp3d2, 5 |
| (C) [Ni(NH3)6]2+ | (3) d2sp3, 3 |
| (D) [MnF6]4– | (4) sp3, 4 |
| (5) sp3d2, 2 |
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[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–
संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?
