English

Mn, Fe और Co की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26 और 27 है। निम्नलिखित में से कौन-से आन्तरिक कक्षक अष्टफलकीय संकुल प्रतिचुंबकीय हैं? (i) [Co(NH3)6]3+ (ii) [Mn(CN)6]3– (iii) [Fe(CN)6]4– (iv) [Fe(CN)6]3–

Advertisements
Advertisements

Question

Mn, Fe और Co की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26 और 27 है। निम्नलिखित में से कौन-से आन्तरिक कक्षक अष्टफलकीय संकुल प्रतिचुंबकीय हैं?
(i) [Co(NH3)6]3+
(ii) [Mn(CN)6]3–
(iii) [Fe(CN)6]4–
(iv) [Fe(CN)6]3–
Answer in Brief
Advertisements

Solution

(i) [Co(NH3)6]3+

(iii) [Fe(CN)6]4–

स्पष्टीकरण:

(i) Co3+ का [Co(NH3)6]3+ में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 0

चुंबकीय गुण = प्रतिचुंबकीय

(ii) Mn3+ का [Mn(CN)6]3– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2

चुंबकीय गुण = अनुचुंबकीय

(iii) Fe2+ का [Fe(CN)6]4– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 0

चुंबकीय गुण = प्रतिचुंबकीय

(iv) Fe3+ का [Fe(CN)6]3– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1

चुंबकीय गुण = अनुचुंबकीय

shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [Page 130]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q II. 15. | Page 130

RELATED QUESTIONS

[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?

(i) d2sp3 संकरण

(ii) sp3d2 संकरण

(iii) अनुचुंबकीय

(iv) प्रतिचुंबकीय


कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि

(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।

(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।

(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।

(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।


निम्न प्रचक्रण चतुष्फलकीय संकुल क्यों नहीं बनते?


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+

अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×