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कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए। कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (A) [Cr(H2O)6]3+ (1) dsp2, 1

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Question

कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
(A) [Cr(H2O)6]3+ (1) dsp2, 1
(B) [Co(CN)4]2– (2) sp3d2, 5
(C) [Ni(NH3)6]2+ (3) d2sp3, 3
(D) [MnF6]4– (4) sp3, 4
  (5) sp3d2, 2

Options

  • A - (3), B - (1), C - (5), D - (2)

  • A - (4), B - (3), C - (2), D - (1)

  • A - (3), B - (2), C - (4), D - (1)

  • A - (4), B - (1), C - (2), D - (3)

MCQ
Match the Columns
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Solution

A - (3), B - (1), C - (5), D - (2)

स्पष्टीकरण:

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
(A) [Cr(H2O)6]3+ (3) d2sp3, 3
(B) [Co(CN)4]2– (1) dsp2, 1
(C) [Ni(NH3)6]2+ (5) sp3d2, 2
(D) [MnF6]4– (2) sp3d2, 5
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उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
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Chapter 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [Page 134]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q IV. 38. | Page 134

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अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।


कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि

(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।

(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।

(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।

(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।


[MnCl4]2− का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM है। इसे कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+

निम्नलिखित संकुल आयनों को क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा (Δ0) के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Co(NH3)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?


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