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प्रश्न
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उत्तर
(i) [Co(NH3)6]3+
(iii) [Fe(CN)6]4–
स्पष्टीकरण:
(i) Co3+ का [Co(NH3)6]3+ में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 0
चुंबकीय गुण = प्रतिचुंबकीय
(ii) Mn3+ का [Mn(CN)6]3– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
चुंबकीय गुण = अनुचुंबकीय
(iii) Fe2+ का [Fe(CN)6]4– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 0
चुंबकीय गुण = प्रतिचुंबकीय
(iv) Fe3+ का [Fe(CN)6]3– में आण्विक कक्षीय इलेक्ट्रॉनिक विन्यास -

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1
चुंबकीय गुण = अनुचुंबकीय
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कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
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| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
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| (5) नीला |
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
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उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?
