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प्रश्न
[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?
(i) d2sp3 संकरण
(ii) sp3d2 संकरण
(iii) अनुचुंबकीय
(iv) प्रतिचुंबकीय
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उत्तर
(i) d2sp3 संकरण
(iii) अनुचुंबकीय
स्पष्टीकरण:
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास Fe(26) = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2, 3p6, 4s2, 3d6
CN− में एक मजबूत क्षेत्र लिगैंड और इलेक्ट्रॉन जोड़ी है।
अत: अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या 1 तथा अनुचुंबकीय है।
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उपसहसंयोजन यौगिकों का रंग क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन पर निर्भर करता है। संकुलों [Co(NH3)6]3+, [Co(CN)6]3− तथा [Co(H2O)6]3+ का दृश्य क्षेत्र में तरंगदैर्घ्य के अवशोषण का सही क्रम क्या होगा?
अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।
कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि
(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।
(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।
(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।
(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।
कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
| (A) [Co(NH3)6]3+ | (1) बैंगनी |
| (B) [Ti(H2O)6]3+ | (2) हरा |
| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
| (D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (4) पीला-नारंगी |
| (5) नीला |
अभिकथन: [Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।
तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?
