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प्रश्न
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
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उत्तर
[Cr(H2O)6]3+
Cr3+ = 3d3

- d2sp3
- आंतरिक कक्षक संकुल
- अनुचुंबकीय
- `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(3(3 + 2)) = sqrt15` = 3.87 BM
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[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+
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