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प्रश्न
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–
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उत्तर
(1) [FeF6]3–:

Fe3+ = 3d5
अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 5
∴ चुंबकीय आघूर्ण = `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(5(5 + 2))` = 5.92 BM
(2) [Fe(H2O)6]2+:

Fe2+ = 3d6
अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 4
∴ चुंबकीय आघूर्ण = `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(4(4 + 2))` = 4.9 BM
(3) [Fe(CN)6]4–:
Fe2+ = 3d6
CN− के प्रबल क्षेत्र लिगंड होने के कारण सभी इलेक्टॉन युगलित हो जाते हैं।

कोई अयुगलित इलेक्ट्रॉन नहीं है इसलिए प्रतिचुंबकीय।
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